दलित दूल्हों से मारपीट की घटनाओं के बीच गुजरात में राजपूतों की दरियादिली, घोड़ी देकर मंडप में नाचे
गुजरात: दलित दूल्हे की शादी में पहुंचे राजपूत, दिखाई दरियादिली
Gujarat News, भावनगर। गुजरात के कुछ गांवों में दलित जातियों द्वारा घोड़े पर बारात निकालने पर उच्च जातियों ने मारपीट करते हुए शादी में बाधा डाली थी। हफ्तेभर में ही अलग-अलग इलाकों से ऐसी बहुत सी घटनाएं सामने आईं। मोडासा के खंभीसर, प्रांतिज के बोरिया और सीतवाडा समेत कड़ी के ल्होर गांव में दलित युवकों को घोड़े पर फेरी नहीं लगाने दी गई, जिससे अभी भी तनाव व्याप्त है।

दलित युवक के लिए घोड़ी दी, शादी के मंडप तक पहुंचे
इस बीच, भावनगर जिले के गारियाधार तहसील के वेलावदर गांव के राजपूतों ने अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपनी दरियादिली दिखाते हुए यहां राजपूतों ने न सिर्फ दलित युवक के लिए घोड़ी दी, बल्कि उसकी बारात में ठुमके लगाकर शादी के मंडप तक पहुंचे थे।

राजपूतों की बात सुनकर दूल्हे के परिजन खुशी से झूम उठे
गांव के सरपंच शामजीभाई खीमसुरिया के मुताबिक, यहां काठी समुदाय के 100 परिवार बसते हैं। मगर, यहां किसी भी जाति के लिए घोड़ी देने से कभी इनकार नहीं किया गया है। हाल ही में गारियाधार से जिग्नेश वणझरा नामक दलित दूल्हे की बारात हमारे गांव आई थी और दूल्हा घोड़ी चढ़ना चाहता था। घोड़ी रखने वाले काठी समुदाय के लोगों से बात करने पर फौरन सब घोड़ी देने के लिए तैयार हो गए। राजपूतों की बात सुनकर दूल्हे के परिजन खुशी से झूम उठे।

शादी शांतिपूर्ण तरीके से करवाकर वापस लौटे
गांव के उपसरपंच अनकभाई बोरिचा द्वारा उनको अपनी घोड़ी दे दी गई। इतना ही नहीं, यहां के राजपूत परिवार के लोग भी डीजे के ताल पर झूमते उनके साथ मंडप तक गए। पूरी शादी काफी शांतिपूर्ण तरीके से करवाकर वापस लौटे। वेलावदर गांव के राजपूतों की इस दरियादिली की दलित समेत सभी समुदाय द्वारा जमकर तारीफ की जा रही है।












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