गुजरात के कई गांवों में हुआ मतदान बहिष्कार, यहां पोलिंग बूथों पर नहीं दिखी कोई कतार
Gujarat News In Hindi, राजकोट। लोकसभा चुनाव 2019 के तीसरे चरण के तहत 23 अप्रैल को गुजरात में वोटिंग हुई। इस दिन यहां दोपहर 1 बजे तक 40 फीसदी वोटिंग हो गई। चुनाव आयोग के मुताबिक, राज्य में इस बार वोटिंग 10 फीसदी तक बढ़ने का अनुमान लगाया गया। हालांकि, राज्य में इस बार सौराष्ट्र के कई गांवों में मतदान का बहिष्कार कर दिया गया। एक तरफ लोगों में मतदान के लिए उत्साह देखा गया तो दूसरी ओर कई गांवों में लोगों द्वारा मतदान का बहिष्कार किया गया।

अमरेली के नेसडी-2, सरोवडा, जामनगर के भणगोर समेत तलाजा के गांव में लोग वोट देने नहीं निकले। यहां से वोटिंग का बहिष्कार करने की जानकारी सामने आई है। अमरेली के नेसडी-2 में गैर-कानूनी लीज के चलते एक किसान द्वारा राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की गई थी। ऐसे में आज गांव के लोग भी इसी बात को लेकर वोटिंग से दूर रहे। जाफराबाद के सरोवडा गांव में रोड-रास्ता और पानी समेत की प्राथमिक सुविधाओं के अभाव के कारण मतदान नहीं किया। साथ ही जामनगर के भणगोर गांव के लोगों ने फसल बीमा नहीं मिलने के कारण वोटिंग करने से इन्कार कर दिया।

इसके अलावा भी कच्छ के रापर स्थित नादा गांव और गुजरात के डांग के धुबड़िया के ग्रामजन समेत नर्मदा के कई गांवों में रहने वाले आदिवासियों द्वारा भी वोटिंग का बहिष्कार किए जाने की ख़बर सामने आई है। हालांकि, स्थानीय कलेक्टर का कहना है कि यहां आदिवासी द्वारा मतदान किया गया। जिसके चलते 50 प्रतिशत वोटिंग हुई।
गुजरात: लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़ी सभी जानकारी यहां पढ़ें












Click it and Unblock the Notifications