गुजरात: ड्रग्स प्रकरण में 18 साल पहले फरार हुआ कैदी कोलकाता में चढ़ा हत्थे, हुई थी 10 साल सजा
राजकोट। गुजरात की पोरबंदर जिला पुलिस टीम ने 18 साल पहले पेरोल से फरार हुए शख्स को पकड़ा है। उसका नाम भरत लाखाणी है, जिसे ड्रग्स प्रकरण में न्यायालय ने 10 साल की सजा सुनाई थी। मगर, वह पेरोल पर बाहर आकर दुबारा जेल नहीं गया। पुलिस उसे 18 साल से खोज रही थी। वह कोलकाता जाकर छिप गया था। वहीं रहने लगा। निरीक्षक के.आई. जाडेजा एवं उप निरीक्षक एच.सी. गोहिल और पेरोल फर्लो स्क्वॉड की टीम ने उसके बारे में जब निरीक्षक के.आई. जाडेजा के तकनीकी निर्देशन में जानकारी जुटाई, तो उसकी लोकेशन पता चली। उसके पत्नी व पुत्र के साथ कोलकाता में रहने की बात सामने आई।

पुलिस की तैयारियां होने पर भरत लाखाणी को पकड़ने पेरोल फर्लो स्क्वॉड के हैड कांस्टेबल पीयूष बोदर, कांस्टेबल प्रकाश नकुम, देवेन्द्रसिंह गोहिल व रोहित वसावा आदि कोलकाता रवाना हुए। उनकी टीम ने तकनीकी सोर्स व वहां के लोगों को मुखबिरों के तौर पर विश्वास में लेकर उसे पकड़ा। अधिकारियों ने बताया कि, इस काम में जादवपोर थाने की टीम की मदद भी ली गई। उन्होंने बताया कि, भरत लाखाणी मूलत: पोरबंदर का निवासी है और बाद में वह परगणवास में रहने लगा। राजकोट जिले के उपलेटा थाने में ड्रग्स संबंधी दर्ज प्रकरण में उसकी गिरफ्तारी हुई थी। तब न्यायालय ने उसे 10 वर्ष की सजा सुनाई थी।

बहरहाल, भरत लाखाणी को न्यायालय में पेशकर ट्रांजिट रिमांड लेकर टीम उसे लेकर गोंडल पहुंची है। अतिरिक्त सेशन न्यायालय में पेश करने पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।












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