राजस्थान सरकार पेट्रोल-डीजल पर क्यों कम नहीं कर रही वैट, जानिए वजह
जयपुर, 12 नवंबर: केंद्र सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) कम करने के बाद कीमतों 5 और 10 रुपए कम हो गए हैं। केंद्र के इस फैसले के बाद देश के 22 राज्यों ने तेल के दामों पर वैट कम किया है, जिसके बाद उन राज्यों में पेट्रोल के दामों में और कमी आई हैं, लेकिन 14 राज्य ऐसे भी हैं, जिन्होंने अपना वैट नहीं घटाया, इसमें राजस्थान भी शामिल हैं। एक तरफ जहां राजस्थान की जनता गहलोत सरकार से वैट कम करने का इंतजार कर रही हैं तो दूसरी तरफ सीएम अशोक गहलोत इस बात बोल चुके हैं कि हम भी और राज्यों की तरफ वैट घटाना होगा, लेकिन कब इसके बारे में फिलहाल कुछ नहीं बताया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर राजस्थान दूसरे राज्यों की तरह क्यों पेट्रोल-डीजल पर वैट नहीं घटा रहा, जानिए पूरी इनसाइड स्टोरी...

केंद्र सरकार उठाएं अहम कदम
राजस्थान के मुखिया अशोक गहलोत ने हालांकि बता दिया है कि वो भी पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाएंगे, लेकिन यह कब होगा यह साफ नहीं हो पाया है। हाल ही में दिल्ली का दौरा करके लौटें गहलोत फिलहाल इस फैसले पर जल्दबाजी नहीं करना चाहते। राज्य सरकार की ओर से वैट घटाने पर उन्होंने एक लंबी चौड़ी जानकारी भी प्रदेश की जनता के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की है। सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने केंद्र से आग्रह किया है आमजन को पूरी तरह से राहत देने के लिए केंद्र सरकार को आगे आना होगा और पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय पूल की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और विशेष एक्साइज ड्यूटी को और कम किया जाए, ताकि आमजन को एक्साइज ड्यूटी और वैट में कमी का फायदा एक साथ मिल सकें।

तेल कंपनियां को लेकर कही ये बात
इसके साथ ही तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल की कीमत में लगातार वृद्धि पर रोक लगाने के लिए पाबंद करने का भी अपील की। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि तेल कंपनियों की ओर से रोज-रोज की जा रही बढ़ोतरी से केंद्र व राज्य सरकार द्वारा आमजन को दी गई राहत का लाभ शून्य हो जाएगा। पत्र में लिखा कि हमारी अपेक्षा है कि केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी में पेट्रोल पर अतिरिक्त 10 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर अतिरिक्त 15 रुपए प्रति लीटर की कमी करें। केंद्र द्वारा एक्साइज ड्यूटी कम करने पर प्रदेश के वैट में भी 3.4 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल पर और 3.9 रुपए प्रति लीटर डीजल पर आनुपातिक रूप से खुद बे खुद ही कम हो जाएंगे।

बेसिक एक्साइज ड्यूटी को किया कम
साथ ही कहा कि इससे राज्य के राजस्व में 3500 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष की अतिरिक्त नुकसान होगा, जिसे जनहित में राज्य सरकार वहन करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से साल 2016 से लगातार पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली बेसिक एक्साइज ड्यूटी को कम कर राज्यों के साथ साझा किए जाने वाले हिस्से को घटा दिया गया और विशेष एवं अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी जिसका कोई हिस्सा राज्यों को नहीं मिलता, उसे लगातार बढ़ाया गया।

केंद्र सरकार की राहत पर गहलोत का बयान
अपने बयान में गहलोत ने कहा कि कोविड संक्रमण में लॉकडाउन के दौरान 6 मई, 2020 को केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 10 रुपए एवं डीजल पर 13 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई थी। 4 नवम्बर, 2021 से पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल पर 10 रुपए कम कर जनता को राहत देने की बात की जा रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि वर्ष 2021 में ही पेट्रोल की कीमत करीब 27 रुपए एवं डीजल की कीमत करीब 25 रुपए बढ़ी। अत्यधिक बढ़ाई गई अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी में से केवल कुछ छूट दी गई। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती अपर्याप्त प्रतीत होती है।

पेट्रोल-डीजल पर पहले वैट कम कर चुकी सरकार
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ बताया कि राजस्थान राज्य के कुल राजस्व का 22 प्रतिशत से अधिक पेट्रोल-डीजल के वैट से आता है। वैट में कमी के रूप में राजस्थान सरकार 29 जनवरी, 2021 से अब तक लगभग 3 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल पर और 3.8 रुपए प्रति लीटर डीजल पर कम कर चुकी है। इससे राज्य के राजस्व में 2800 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की हानि हो रही है। कोविड-19 की परिस्थितियों के कारण इस वित्तीय वर्ष में राज्य के राजस्व में माह अक्टूबर तक 20 हजार करोड़ रुपए की कमी आई है। केंद्र द्वारा राज्य को 5963 करोड़ रुपये का जीएसटी पुनर्भरण उपलब्ध नहीं कराना भी इसका एक बड़ा कारण है।












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