Karanpur Election 2024: जीतने से पहले मंत्री बने BJP प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी चुनाव हार गए तो क्या ह
Surendra pal Singh TT Karanpur: राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले की करणपुर सीट पर 5 जनवरी 2024 को उपचुनाव हो रहे हैं। चुनाव प्रचार थम चुका है। 8 जनवरी को मतों की गिनती की जाएगी।
श्री करणपुर सीट के चुनाव राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में 25 नवंबर को ही प्रस्तावित थे, मगर चुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार व मौजूदा विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर का निधन हो जाने के कारण चुनाव टालने पड़े थे।

भाजपा ने प्रत्याशी को बनाया मंत्री
करणपुर सीट के उपचुनाव 2024 में भाजपा ने सबसे बड़ा सियासी दांव खेला है। दरअसल, भाजपा ने यहां से पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को मैदान में उतारा है और 30 दिसंबर को भजन लाल शर्मा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में टीटी को राज्यमंत्री बना दिया।
चुनाव जीतने से पहले ही अपने प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को मंत्री बनाकर भाजपा ने संदेश देने की कोशिश की है कि करणपुर से सुरेंद्र सिंह पाल टीटी जीते तो यहां के विधायक की राजस्थान भाजपा सरकार में सीधी पहुंच होगी।
करणपुर प्रत्याशी सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को चुनाव जीतने से पहले ही मंत्री बनाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना भी साधा है। राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष व लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने तो इसे चुनाव आचार संहिता काउल्लंघन तक बताया है।
सुरेंद्र पाल सिंह चुनाव हारे तो क्या होगा?
यूं तो कोई पार्टी अपनी सरकार के मंत्रिमंडल में किसी को भी शामिल कर सकती है, मगर इसके छह माह बाद उसे भी सीट से चुनाव जीतकर विधायक बनना होता है। अब अगर सुरेंद्र पाल सिंह टीटी करणपुर से चुनाव हार जाते हैं तो न केवल उनके मंत्री बने रहने की राह मुश्किल होगी बल्कि इस मामले में भाजपा की भी 'सियासी बेइज्जती' होगी।
कांग्रेस सहानुभूति के सहारे
करणपुर सीट पर कांग्रेस ने सहानुभूति कार्ड खेला है। कांग्रेस ने पूर्व प्रत्याशी स्वर्गीय गुरमीत सिंह कुन्नर के बेटे रुपिंदर सिंह कुन्नर को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस के कई बड़े नेता करणपुर पहुंचकर कुन्नर के बेटे के लिए वोट मांग चुके हैं।












Click it and Unblock the Notifications