Sikar Jawan Shaheed : आतंकियों से शेर की तरह लड़ा Mahesh Kumar Meena, 9 दिन बाद हारा जिंदगी की जंग
Sikar News, सीकर। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देने वाला बहादुर फौजी महेश कुमार मीणा जिंदगी की जंग हार गया। दिल्ली एम्स में उपचाराधीन फौजी ने सोमवार देर शाम अंतिम सांस ली। मंगलवार को राजस्थान के सीकर जिले के रींगस क्षेत्र में उनके पैतृक गांव लांपुआ में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

हेलीकॉप्टर से पहुंचेगी पार्थिव देह
श्हीद महेशा कुमार मीणा की पार्थिव देह दोपहर तक हेलीकॉप्टर से पहुंचने की उम्मीद है। खाटूश्यामजी और गांव लाम्पुआ में अस्थायी हेलीपेड तैयार किया गया है। महेश मीणा की शहादत की सूचना पर गांव में सन्नाटा पसर गया है। पूरे शेखावाटी से लोग महेश मीणा को अंतिम विदाई देने के लिए लाम्पुआ पहुंचने शुरू हो गए हैं।

जम्मू कश्मीर में शहीद हुए महेश कुमार मीणा
5 जनवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा के अरिपाल क्षेत्र में एक मकान में आतंकी घुस आए थे। सूचना मिलने पर CRPF के जवानों ने आतंकियों की घेराबंदी की। उन जवानों में श्रीनगर बटालियन में तैनात महेश कुमार भी शामिल थे। महेश कुमार ने अन्य साथी जवानों के साथ बहादुरी से आतंकियों का मुकाबला किया।

कंधे व श्वास नली पर लगी गोली
सीकर जिले के महेश कुमार मीणा ने मुठभेड़ में शेर की तरह आतंकियों का न केवल डटकर सामना किया बल्कि उन्हें मुंहतोड़ जवाब भी दिया। इस दौरान महेश के कंधे व श्वास नली में गोली लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सेना के अस्पताल ले जाया गया। वहां से दिल्ली एम्स में रैफर किया। पांच जनवरी से एम्स में उपचाराधीन महेश सोमवार शाम को शहीद हो गए थे।

शिक्षक पिता को बेटे की बहादुरी पर गर्व
Sikar Shaheed Mahesh Kumar Meena के पिता गोधाराम रिटायर्ड शिक्षक हैं। बेटे की शहादत पर पिता बोले कि उनका बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ है, जिस पर उन्हें गर्व है। शहीद महेश के बेटा हर्षित व बेटी पलक है।












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