Motaram Sharma Sikar : 62 साल के किसान ने उगाई यौन शक्ति बढ़ाने वाला मशरूम, कीमत दो लाख रुपए प्रति किलो
ये हैं 'मशरूम मैन' मोटाराम शर्मा, राजस्थान में पहली बार उगाई 2 लाख रुपए में बिकने वाली यह चीज
सीकर। राजस्थान के सीकर जिला मुख्यालय से सालासर रोड पर 14 किलोमीटर दूर एक गांव है विजयपुरा। यहां का किसान 'मशरूम मैन' के रूप में मशहूर है। नाम है मोटाराम शर्मा। मशरूम उत्पादन के लिए भारत कृषि सम्राट और कृषि रत्न पुरस्कारों से नवाजे जा चुके सीकर के किसान मोटाराम शर्मा ने इस बार बेहद दुर्लभ प्रजाति की कोडी सेफ मशरूम उगाकर कमाल कर दिखाया है।
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वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत में किसान मोटाराम शर्मा ने बताया कि कोडी सेफ मशरूम राजस्थान में संभवतया पहली बार सीकर के गांव विजयपुरा में उगाई गई है। यह मशरूम खासकर यौन शक्ति बढ़ाने, कैंसर, एचआइवी, हिपेटाइटस, मधुमेह आदि के इलाज में काम आती है। सबसे बेहतरीन गुणवत्ता की कोडी सेफ मशरूम दस लाख रुपए तक में बिक सकती हैं। हालांकि सीकर में उगाई गई कोडी सेफ मशरूम डेढ़ से दो लाख रुपए प्रति किलोग्राम में बिकने योग्य है। आने वाले दिनों में भारत के साथ-साथ विदेशों में कोडी सेफ मशरूम की मांग बढ़ने की उम्मीद है।

डेढ़ करोड़ में सीकर में लगाया प्लांट
मोटाराम बताते हैं कि वे करीब दो दशक से मशरूम उत्पादन कर रहे हैं। 24 साल पहले सीकर से छह किलोमीटर दूर स्थित गांव नानी में मशरूम उत्पादन के लिए छोटा प्लांट लगाया था। अब कोडी सेफ मशरूम के लिए अपने गांव विजयपुरा में एक करोड़ रुपए लागत से हाईटेक प्रयोगशाला की तर्ज पर बड़ा प्लांट लगाया है। मोटाराम के पास राजस्थान के कृषि विश्वविद्यालयों से बड़ी संख्या में छात्र आते हैं, जिन्हें मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण निशुल्क दिया जाता है।

अब तक उगाई ये मशरूम
सीकर के प्रगतिशील किसान मोटाराम शर्मा देशभर में मशरूम उत्पादन करने वाले किसानों में चर्चित नाम हैं। ये अब तक गनोड्रेमा, ऋषि मशरूम, पिंक मशरूम, शाजर काजू, काबुल एंजाई, ब्लैक ईयर, ओयस्टर, डीजेमोर, सिट्रो, सागर काजू सरीखी 16 किस्म की मशरूम तैयार कर चुके हैं। कोडी सेफ मशरूम के उत्पादन के लिए दो साल से प्रयासरत थे। इस बार सफलता हासिल हुई है।

ऐसे तैयार की कोडी सेफ मशरूम
मोटाराम बताते हैं कि हिमाचल प्रदेश में उगने वाली कोडी मशरूम बर्फ पिघलने के बाद एक कीडे के मरने के बाद उसके सिर में पैदा होने वाली फफूंद होती है। कीड़े के आकार के आधार पर इसे स्थानीय भाषा में कीडाजड़ी के नाम से जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित राष्ट्रीय खुंब निदेशालय में इसका प्रशिक्षण लेने के बाद वहां से एक परखनली में कल्चर लेकर सीकर आए और सीकर के नानी गांव स्थित अपने खेत में ऑटोक्लेव पद्धति से ब्राउन राइस का बेस तैयार किया।

मोटाराम के कई नाम मशरूम मैन, मशरूम किंग और मशरूम सम्राट
सीकर कृषि उपनिदेशक एसआर कटारिया के अनुसार नानी गांव के किसान मोटाराम शर्मा द्वारा कोडी सेफ मशरूम उगाने में सफलता प्राप्त की गई है। मशरूम की काफी मांग है। किसान इसका उत्पादन करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। मोटाराम को मशरूम मैन, मशरूम किंग और मशरूम सम्राट नाम से भी जाना जाता है। कोडी सेफ मशरूम उगाने से पहले मोटाराम गनोड्रेमा मशरूम उत्पादन का गौरव भी हासिल कर चुके हैं। गनोड्रेमा मशरूम कैंसर की दवा के रूप में काम आती है।

50 की उम्र में पास की दसवीं
मोटाराम शर्मा बताते हैं कि 1995 में मशरूम की खेती शुरू की थी। तब वे पांचवीं पास थे। मशरूम की खेती का ज्ञान बढ़ने पर मशरूम मैन के रूप में पहचान होने लगी। इजराइल समेत कई देशों की खेती को लेकर दौरे किए। तब खुद के पांचवीं पास होने पर अफसोस होता था। ऐसे में 50 वर्ष की उम्र में वर्ष 2010 में दसवीं और फिर विज्ञान संकाय से बारहवीं पास की। इंदौर से खेती में डॉक्टर की उपाधि भी प्राप्त की।












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