Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

17th Jaipur Literature Festival 2024: शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कांग्रेस को लेकर दिया यह बड़ा बयान,जानिए

17th Jaipur Literature Festival 2024: जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2024 के पांच दिवसीय साहित्यिक मैराथन का आज शानदार समापन हुआ।

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2024 में संस्मरण से लेकर स्पोर्ट्स, हिस्ट्री से माइग्रेशन और फूड से लेकर कई विषयों पर बात हुई।

sharmistha-mukherjee-gave-this-answer-regarding-congress-at-the-closing-ceremony-of-the-17th-jaipur

लिटरेचर फेस्टिवल में समारोह के अंतिम सुबह की शुरुआत सप्तक चटर्जी के प्रदर्शन के साथ हुई, जो तीसरी पीढ़ी के हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक थे। जिन्होंने अपने शास्त्रीय वायलिन से मधुर धुनें बजाईं।

फेस्टिवल में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुत्री शर्मिष्ठा मुखर्जी द्वारा अपने पिता की याद में 'प्रणब माय फादर: ए डॉटर रेमेम्बेर्स' सत्र की शुरुआत हुई।

उन्होंने अपने पिता की डायरी एंट्रीज का भी खुलासा किया, जिस पर उनकी नई किताब, प्रणब माई फादर: ए डॉटर रिमेम्बर्स आधारित है। उन्होंने स्नेहपूर्वक याद करते हुए कहा, "उन्होंने अपनी डायरी में दर्ज किया कि उनके समय के दौरान कांग्रेस का कमजोर होना शुरू हुआ था|

इसकी वजह थी उनके (इंदिरा गांधी) द्वारा किए गए दो विभाजन और सत्ता की पूरी एकाग्रता। शर्मिष्ठा ने कांग्रेस और अपने पिता से जुड़ी कई यादों को साझा किया।

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भाजपा में जाने के सवालों को लेकर तीखा जवाब देते हुए कहा कि मैं हार्ड कोर कांग्रेसी हूं।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में चल रहे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का आज आखिरी दिन था। शुरुआती सत्र में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने उन पर लिखी किताब के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि प्रणब मुखर्जी इंदिरा गांधी के अंधभक्त थे।

वे इंदिरा गांधी से पूछकर कपड़े पहनते थे। वहीं अपने जीवन के आखिरी दिनों में वे कांग्रेस के हालात से परेशान थे। मैं भी हार्डकोर कांग्रेसी हूं और मौजूदा हालातों से मुझे भी परेशानी है।

यह हर कांग्रेसी नेता के मन के हालात हैं। शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि मेरे बीजेपी में जाने की बात कोरी अफवाह है। मैंने राजनीति से संन्यास ले लिया है। मेरा किसी भी राजनीतिक दल का हिस्सा बनने का कोई इरादा नहीं है, लेकिन मैं कांग्रेस की हार्डकोर समर्थक हूं।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने जयपुर लिटरेटर फेस्टिवल में बेबाक अंदाज में सवालों के जवाब देते हुए कहा कि यूपीए के दौरान मेरे पिता ने सोनिया गांधी से कहा था कि एक कमजोर सरकार की जगह विपक्ष में होना ज्यादा बेहतर होता।

मेरे पिता होते तो कांग्रेस के मौजूदा हालत से काफी परेशान होते। यह सिर्फ उनके ही नहीं, हर कांग्रेसी नेता के मन के हालात हैं।

फिलहाल जो हालत है, उस से मुझे भी परेशानी है। मेरे भाजपा में जाने की बात अफवाह है, मैं कहीं नहीं जा रही हूं। मैं हार्ड कोर कांग्रेसी हूं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राहुल गांधी और गांधी परिवार से बाहर भी सोचना चाहिए। राहुल गांधी की आलोचना कांग्रेस की आलोचना नहीं है।

मेरी किताब में इंदिरा गांधी, मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी से मेरे पिता के अच्छे संबंधों का जिक्र है। क्या वे सब कांग्रेस के नहीं हैं?

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने बताया कि मेरे पिता ने जब नागपुर में आरएसएस के कार्यक्रम में जाने का फैसला किया था। तब मैं काफी नाराज हुई थी।

लेकिन तब उन्होंने समझाया कि लोकतंत्र में संवाद बहुत जरूरी है। उनके हर दल में संबंध थे। उन्होंने आरएसएस के मंच का इस्तेमाल अपनी विचारधारा को बताने के लिए किया था।

वहां उन्होंने नेहरू के विचारों की बात की थी। धर्मनिरपेक्षता की बात की थी। उन्होंने कहा कि प्रणब, प्रधानमंत्री बनना चाहते थे, लेकिन नहीं बन पाए, वे समझते थे कि यह मुश्किल है। इसलिए जब राष्ट्रपति बनने का मौका आया, तो वे जरूर बनना चाहते थे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+