Bhilwara Mining : माफिया ने जेल से छूटते ही खदान में शुरू किया खनन, सात मजदूरों की मौत, VIDEO
भीलवाड़ा, 12 अगस्त। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद पंचायत समिति के गांव लाछुड़ा में बुधवार को अवैध खनन के दौरान खदान के ढहने से मलबे में दबे सात मजूदरों को बचाया नहीं जा सका है। देर रात सातों मजदूरों के शव निकाले गए हैं। मृतकों में तीन महिलाएं थीं।
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जेल से छूटते ही फिर खनन शुरू
बता दें कि गांव लाछूड़ा के नूर मोहम्मद के खेत में यह अवैध खदान संचालित है। खनन माफिया संग्राम सिंह यहां से क्वाटर्ज पत्थर निकलवा रहा था। अवैध खनन के चलते संग्राम सिंह को एक माह पहले जेल हुई थी। साढ़े सात लाख का जुर्माना भी लगा था। 15 दिन पहले ही वह जमानत पर छूटकर आया और फिर से अवैध खनन शुरू करके सात लोगों की जान ले ली।

भीलवाड़ा खनन हादसे के मृतक
राजस्थान एसडीआरएफ सेनानायक आईपीएस पंकज चौधरी के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम व भीलवाड़ा प्रशासन और पुलिस टीम ने रेस्क्यू कर देर रात तक सभी शवों को बाहर निकाला। आज शवों का अंतिम संस्कार मांडल विधानसभा क्षेत्र के कैमरी गांव व लादुवास गांव में किया गया। मृतकों में केरड़ा निवासी 21 वर्षीय गणेश, 20 वर्षीय हिंगला, 18 वर्षीय मीना, केमरी निवासी 23 वर्षीय कन्हैया, 18 वर्षीय प्रहलाद, 25 वर्षीय धर्मा व 21 वर्षीय मीना शामिल है।

15 दिन पहले ही आया था मजदूरी करने
7 मृतकों में से छह मृतक मांडल विधानसभा क्षेत्र के कैमरी गांव के व एक मृतक मांडल विधानसभा क्षेत्र के लादुवास गांव का रहने वाला था। वह सभी पिछले 15 दिन से इसी खदान में मजदूरी कर रहे थे, लेकिन 11 अगस्त को हुए अचानक इस हादसे के बाद वह हमेशा हमेशा के लिए भगवान को प्यारे हो गए।

कैमरी गांव से एक साथ उठी छह अर्थी
गुरुवार को मजदूरों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। कैमरी गांव में 6 शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किए जाने से क्षेत्र में गमगीन माहौल हो गया। शवयात्रा में शामिल कोई व्यक्ति आंसू नहीं रोक पाया। गांव में चूल्हे भी नहीं जले। अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्र के विधायक रामलाल जाट व करेड़ा एसडीएम महिपाल सिंह आदि भी मौजूद रहे।

परिवार वालों का रो- रोकर बुरा हाल
भीलवाड़ा खदान हादसे में मारे गए मजदूरों के परिजनों को रो रोकर बुरा हाल हो गया। इस खनन हादसे में किसी का बेटा चला गया, तो किसी की बेटी और किसी बेटा बेटी से के सिर से अपने माता पिता का साया उठ गया। लगभग कैमरी गांव से 30 किलोमीटर दूर यह प्रतिदिन मजदूरी के लिए जाते थे।

सरकार ने दी एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता
भीलवाड़ा खनन हादसे के बाद जिला कलेक्टर शिवप्रसाद एम नकाते ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। वहीं, विधायक व पूर्व मंत्री रामलाल जाट ने सातों मृतकों के अंतिम संस्कार का खर्चा स्वयं के फंड से करने की घोषणा की थी।

धड़ल्ले से जारी है अवैध खनन
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा अवैध खनन होता है, लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। चंद माह पहले भी बिजोलिया व बदनोर क्षेत्र में खदान में हादसे हुए। दो मजदूरों की जान भी गई। फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

राजस्व रिकॉर्ड में किया परिवर्तन
लाछुड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में अवैध खनन से 7 की मौत के बाद भीलवाड़ा जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर शिवप्रसाद एम नकाते ने अवैध खनन के क्षेत्र का भू रूपांतरण करते हुए उनको बिलानाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया है।

पुलिस ने किया मामला दर्ज
लाछुड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में अवैध खनन करता के खिलाफ भीलवाड़ा एसपी विकास शर्मा के निर्देश पर क्षेत्र के थाने में धारा 304 में मुकदमा दर्ज हुआ है।












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