Sanwaliya Seth: सांवलिया सेठ की 56% बढ़ी कमाई, 29 करोड़ कैश, दान में मिला 1 KG सोना, 135 किलो चांदी
Sanwaliya Seth Mandir: राजस्थान के मेवाड़ में स्थित सुप्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर (Sanwaliya Seth Mandir) में हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां वे आशीर्वाद लेने के साथ-साथ अपनी श्रद्धा मुताबिक दान करते हैं। इस बार सांवलिया सेठ के दरबार में होली पर्व पर खोले गए भंडार की गणना पांच चरणों में पूरी हुई है।
दरअसल, सांवलिया सेठ मंदिर में हर साल 11 बार दान की गिनती होती है। इस बार गिनती पिछले बुधवार से शुरू हुई, जिसमें करोड़ों रुपए का दान आने की बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेढ़ महीने के भंडार से से 29 करोड़ 09 लाख 63 हजार 292 रिकॉर्ड भेंट राशि निकली है।

यह राशि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम से प्राप्त हुई है। इतना ही नहीं, यह राशि पिछले साल के इन्हीं डेढ़ महीने के भंडार की तुलना में 56.28% ज्यादा है। इसके अलावा करीब 2 करोड़ रुपए का सोना और चांदी भी दान स्वरूप मंदिर को भेंट किया गया है। मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी नंदकिशोर टेलर ने बताया कि परंपरा के अनुसार हर डेढ़ महीने में खजाने को खोला जाता है।
इस बार पिछले बुधवार को सांवलिया सेठ मंदिर का खजाना खोला गया। बताया कि पहले चरण में 7 करोड़ 55 लाख, दूसरे चरण में भंडार से 4 करोड़ 97 लाख 20 हजार, तीसरे चरण की गणना में 4 करोड़ 72 लाख 75 हजार, चौथे चरण की गणना में 4 करोड़ 75 लाख 20 हजार और अंतिम पांचवें चरण की गणना में 2 करोड़ 44 लाख 79 हजार 700 रुपए की राशि प्राप्त हुई।
खबर के मुताबिक, ऑनलाइन माध्यम से भी बड़ी धनराशि प्राप्त हुई। ऑनलाइन और मनीऑर्डर के ज़रिए कुल 4 करोड़ 64 लाख 68 हज़ार 592 रुपये का दान मिला। मंदिर को करोड़ों की कीमत का सोना और चांदी भी मिला। मंदिर को लगभग 1.13 किलोग्राम सोना और लगभग 135 किलोग्राम चांदी प्राप्त हुई।
तनख्वाह देने की है खास परंपरा
सांवलिया सेठ मंदिर के पुजारियों को कोई निश्चित वेतन नहीं मिलता। बल्कि, उनकी कमाई परंपरा के अनुसार तनख्वाह मिलती है। जैसे ही चढ़ावे की गिनती के लिए खजाना खोला जाता है। सबसे पहले मुख्य पुजारी दोनों हाथ भरकर राशि बाहर निकलता है। उसके हाथ में जितनी ज्यादा राशि आएगी वही उसकी तनख्वाह होती है।












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