सैनी समाज आंदोलन स्थगित: 12 दिन बाद खुला जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे, NHAI ने मलबा हटाना शुरू किया
saini samaj aarakshan: आरक्षण समेत कई मांगों को लेकर राजस्थान के भरतपुर जिले के नदबई तहसील के अरोदा गांव में जारी आंदोलन स्थगित कर दिया गया है।

Saini Samaj Aarakshan Aandolan 2023: सैनी, माली, शाक्य, मौर्य समाज को 12 प्रतिशत आरक्षण अलग से देने की मांग को लेकर राजस्थान के भरतपुर जिले में 21 अप्रैल से जारी आंदोलन स्थगित हो गया है। दोलनकारियों के पीछे हटते ही NHAI ने हाईवे की सफाई करना शुरू कर दिया है। हाईवे पर एक किलोमीटर तक मलबा पड़ा हुआ था।
जानकारी के अनुसार सैनी समाज के लोग बड़ी संख्या में भरतपुर जिले के नदबई तहसील के गांव अरोदा में हाईवे पर पड़ाव डाल रखा था। ऐसे में आगरा-जयपुर की ओर सफर करने वाले वाहनों को भुसावर और नगर होते हुए डायवर्ट किया गया था। चालकों को 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा था।
मंगलवार दोपहर 12 बजे फुले आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक मुरारी लाल सैनी आंदोलन स्थल अरोदा पहुंचे और आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। हालांकि आंदोलन समाप्ति की घोषणा के बाद कुछ देर आंदोलनकारियों ने हंगामा किया। लेकिन समझाइश के बाद टेंट खोल लिए।
आंदोलन समाप्त करने की घोषणा करते हुए सैनी ने कहा कि 21 अप्रैल से माली, सैनी, शाक्य, मौर्य समाज को 12 फीसदी आरक्षण आंदोलन को लेकर राजस्थान सरकार से कई स्तर पर बात हुई। सीएम गहलोत ने ओबीसी आयोग को चिट्ठी लिखी।
बैठक में ओबीसी आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि 6 महीने में राजस्थान के हर जिले से रिपोर्ट मंगवाएंगे। हमने कहा कि 10 दिन में ही रिपोर्ट मंगवाइये और 1 महीने में सर्वे करा कर सरकार को रिपोर्ट भेजिए ताकि चुनाव से पहले हम आरक्षण का फैसला करा सकें।
ओबीसी आयोग ने कलेक्टरों को 10 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है और एक महीने में सर्वे करा कर सरकार को भेजने की बात कही है। इसलिए आज धरना स्थगित कर रहे हैं। सरकार से ये भी अपील की है कि 21 अप्रैल के बाद और उससे पहले आंदोलनकारियों पर लगे मुकदमे सरकार वापस ले, इस पर भी आश्वासन मिला है।












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