Saini Aandolan Rajasthan : 1500 लोगों के खिलाफ FIR, गांवों से भोजन पहुंचाने के लिए 19 तक बुकिंग
भरतपुर, 15 जून। राजस्थान में सैनी आरक्षण आंदोलन बुधवार को चौथे दिन भी जारी रहा। बड़ी संख्या में आंदोलनकारी राजस्थान के भरतपुर जिले की नदबई तहसील के गांव आरौदा में जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर धरना दिए बैठे हैं। 12 जून से शुरू हुआ माली समाज का आरक्षण आंदोलन लंबा चलने के आसार हैं। धरना स्थल के गांव-ढाणियों के लोगों ने आंदोलनकारियों को भोजन पहुंचाने के लिए 19 जून तक की बुकिंग करवा रखी है।

जयपुर-आगरा रूट पर यातायात में बदलाव
भरतपुर पुलिस ने सैनी आरक्षण आंदोलन में हिस्सा ले रहे 58 लोगों के खिलाफ नामजद और 1500 अन्य के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। वहीं, जयपुर-आगरा एनएच 21 से गुजर रहे वाहनों के लिए यातायात में बदलाव किया है। वाहनों को अरौदा की बजाय छोकरवाला, भुसावर, वैर व हंतरा से होकर गुजारा जा रहा है।

राजस्थान के सैनी समाज की मांगें
बता दें कि राजस्थान में माली समाज में सैनी, कुशवाहा, शाक्य व मौर्य आदि के रूप में करीब डेढ़ करोड़ की आबादी है। अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल सैनी समाज के लोग अगल से 12 प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहा है। इनके अलावा महात्मा फुले कल्याण बोर्ड का गठन, राजस्थान के हर शहर व कस्बे में सब्जी ठेले वालों को स्थायी जगह, महात्मा फुले बागवानी बोर्ड का गठन, महात्मा फुले दंपती के नाम से विश्वविद्यालयों में शोध केंद्रों की स्थापना, महात्मा फुले जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित हो, भारतीय सेना में सैनी रेजिमेंट का गठन, सैनी माली व कुशवाह के लिए अलग से एक्ट लाया जाए, फुले दंपती के नाम से संग्रहालय व फुले दंपती को भारत रत्न देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की मांग है।

इन जिलों के लोगों ने आंदोलन में हिस्सा लिया
माली समाज आरक्षण आंदोलन 2022 महात्मा ज्योतिबा राव फूले आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक मुरारी लाल सैनी के नेतृत्व में चल रहा है। वन इंडिया से बातचीत में मुरारी लाल सैनी ने दावा किया कि सैनी आरक्षण आंदोलन में चौथे दिन बुधवार को चार लाख लोगों ने हिस्सा लिया है। सीकर, जयपुर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़, नागौर, धौलपुर, श्रीगंगानगर, करौली, बीकानेर व सवाई माधोपुर से बड़ी संख्या में लोगों ने आंदोलन में हिस्सा लिया है। गुरुवार को कोटा बूंदी व बारां जिले से समाज के लोग पहुंचेंगे।

माली आरक्षण संघर्ष समिति से पहली वार्ता
आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक मुरारी लाल सैनी ने बताया कि समाज के लोगों ने अब प्रशासन व सरकार के नुमाइंदों से धरना स्थल पर ही वार्ता करने का फैसला किया है। अब तक तीन बार वार्ता हो चुकी है। तीनों ही बार विफल रही। पहली बार सोमवार को आंदोलन स्थल पर भरतपुर जिला कलेक्टर आलोक रंजन व एसपी श्याम सिंह की मौजूदगी में वार्ता हुई, जो इसलिए विफल हो गई थी कि उसमें सरकार की ओर से अधिकृत कमेटी नहीं थी।

माली आरक्षण संघर्ष समिति से दूसरी वार्ता
सैनी ने बताया कि मंगलवार सुबह को राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह व भरतपुर संभागीय आयुक्त को माली आरक्षण संघर्ष समिति से वार्ता के लिए अधिकृत किया। सुबह आठ बजे दूसरी बार की वार्ता के लिए समिति की ओर से वार्ता के लिए 31 नाम भेजे गए तो एसडीएम व मंत्री आकर बोले कि इनमें से सिर्फ दस तय करो। इसके बाद सरकार की अधिकृत कमेटी ने आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक की मौजूदगी में वार्ता की शर्त रखी। फिर खुद मंत्री व कलेक्टर वार्ता के लिए नहीं आए। हालांकि यह भी खबर आई कि मंत्री दिनभर भरतपुर सर्किट हाउस में वार्ता के लिए इंतजार करते रहे।

माली आरक्षण संघर्ष समिति से तीसरी वार्ता
मुरारीलाल सैनी के अनुसार माली आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के साथ भरतपुर प्रशासन व पर्यटन मंत्री के साथ तीसरी वार्ता आईजी कार्यालय में मंगलवार शाम को होनी थी। समिति की ओर से मुरारी लाल सैनी, बासुदेव कुशवाहा, लक्ष्मण सैनी, मोहर सिंह, रघुवीर सिंह, शैलेंद्र आदि आईजी कार्यालय में गए तो उनसे कहा गया कि वो अपनी मांगों का ज्ञापन दे दें। इस पर समिति के पदाधिकारियों का कहना था कि वे प्रदेश 63 एसडीएम, 33 जिला कलेक्टर व दो बार सीएम को दे चुके हैं। अब कोई ज्ञापन नहीं देंगे और वार्ता भी आंदोलन स्थल आरौदा में ही होगी।












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