Sachin Pilot की New Party बनाने की अफवाहों के बीच अब सुलह का कौनसा फॉर्मूला लगाएगी राजस्थान कांग्रेस?
Ashok Gehlot VS Sachin Pilot Rajasthan: राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा बोले कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट दोनों ही फॉर्मूला के बारे में जानते हैं।

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 से पहले सियासी गलियारों में चर्चा है कि सचिन पायलट नई पार्टी बनाकर नई उड़ान को तैयार हैं। नई पाटी की घोषणा को 11 जून को दौसा में प्रस्तावित सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट की पुण्यतिथि कार्यक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस बीच राजस्थान के प्रभारी कांग्रेस महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट के बीच सुलह के फॉमूले की नई चर्चा छेड़ दी।
जयपुर एयरपोर्ट पर राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से मीडिया ने सचिन पायलट द्वारा नई पार्टी बनाने की संभावना के बारे में पूछा तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि 'सुलह का फॉर्मूला तैयार है, लेकिन मैं आप लोगों को नहीं बताऊंगा'
रंधावा ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट दोनों सुलह का फॉर्मूला जानते हैं। पायलट की नई पार्टी की बात मैंने आप से ही सुनी है। यह सही नहीं है। पायलट के दिमाग में पहले ऐसी कोई बात नहीं थी। ना अब है। यह मीडिया द्वारा उठाया गया मुद्दा है।
रंधावा ने कहा कि हाल ही दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व राहुल गांधी ने अशोक गहलोत व सचिन पायलट से मुलाकात की थी। दोनों नेता राजस्थान में एकजुट होकर काम करने की बात कही थी। खड़गे व गांधी ने दोनों की बातों को गंभीरता से सुना। दोनों नेताओं ने कहा कि वे कांग्रेस की संपत्ति हैं। दोनों साथ काम करेंगे।
रंधावा बोले कि मल्लिकार्जुन खड़गे व राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अशोक गहलोत व सचिन पायलट का 90 फीसदी मसला सुलझ चुका है। शेष कोई बड़ा मुद्दा नहीं। हम निश्चित तौर पर सबके लिए करेंगे और नेताओं के कद के हिसाब से जिम्मेदारी तय करेंगे।
11 जून को राजेश पायलट की 23वीं पुण्यतिथि
सचिन पायलट के पिता राजेश पायलट दिग्गज कांग्रेस नेता रहे हैं। राजेश पायलट की 23वीं पुण्यतिथि पर राजस्थान के दौसा जिले में भंडाना स्थित स्मृति स्थल पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा होगी। सियासी गलियारों में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि सचिन पायलट 11 जून को कुछ बड़ी राजनीतिक घोषणा कर सकते हैं। अपनी आगे की राह के बारे में स्पष्ट संकेत दे सकते हैं। क्योंकि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस की जीत के बाद से ही अशोक गहलोत व सचिन पायलट के बीच सत्ता के लिए संघर्ष चल रहा है।












Click it and Unblock the Notifications