Ratinath ji Maharaj : रतिनाथ जी महाराज का मुम्बई में देवलोकगमन, Bau Dham सीकर में दी जाएगी समाधि
Ratinath Ji Maharaj biography in Hindi : रतिनाथ जी महाराज बऊ धाम ने 80 साल की उम्र में शुक्रवार सुबह मुम्बई में आखिरी सांस ली।

Ratinath Maharaj Bau Dham Laxmangarh Sikar : राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ स्थित बऊ धाम के पीठाधीश्वर रतिनाथ जी महाराज का देवलोकगमन हो गया। वे राजस्थान में नाथ संप्रदाय के प्रमुख संतों में से एक थे। रतिनाथ जी महाराज 23 दिसम्बर 2022 को मुम्बई में अंतिम सांस ली। दो दिन पहले ही मुम्बई गए थे। उनकी पार्थिव मुम्बई से सीकर लाई जा रही है। खबर है कि शनिवार दोपहर एक बजे के रतिनाथ महाराज को बऊ धाम में समाधि दी जाएगी।
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बता दें कि रतिनाथ जी में पूरे लोगों की गहरी आस्था थी। लोग उनको दया, स्नेह, लोककल्याण व अध्यात्म की प्रतिमूर्ति मानते थे। रतिनाथ जी ब्रह्मलीन होने से पूरे शेखावाटी में शोक की लहर है। उनके अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं व राजनीतिक हस्तियों की शामिल होंगी।
लक्ष्मणगढ़ बऊ धाम के संत शिरोमणि रतिनाथ महाराज के निधन पर सोशल मीडिया पर भी शोक संदेशों की बाढ़ सी आ गई है। पीसीसी चीफ व लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद डोटासरा, रामेश्वर डूडी, अशोक परनामी समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है।

खबर है कि आज देर शाम तक मुंबई से रतिनाथ जी महाराज की की पर्थिव देह जयपुर लाई जाएगी। जयपुर से सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ स्थित बऊ धाम पर ले जाया जाएगा। बऊ धाम में संत की पार्थिव देह अंतिम दर्शनों के लिए रखी जाएगी। देशभर से नाथ संप्रदाय के संत सहित लाखों लोग महाराज के अंतिम दर्शनों के लिए जुटेंगे। संत शिरोमणि रतिनाथ महाराज को शनिवार दोपहर एक बजे बऊ धाम में समाधि दी जाएगी।
रतिनाथ महाराज की जीवनी
बता दें कि रतिनाथ महाराज बिना रुके लगातार 9 घंटे तक भजन गाते थे। उनके भजनों को सुनने के लिए हजारों भक्तों की भीड़ जुटती थी। संत शिरोमणि रतिनाथ महाराज बऊ धाम की आत्मा, नाथ सम्प्रदाय की पहचान, लोककल्याण एवं अध्यात्म की प्रतिमूर्ति थे।












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