Video : मां की 'मौत' के बाद भी सोशल मीडिया के जरिए तलाश करता रहा बेटा, अब मां 10 साल बाद जिंदा मिली
भरतपुर, 19 मई। यह कहानी फिल्म जैसी है। एक बेटे ने दस साल बाद मां को खोज निकाला, जबकि वह उसे मृत मानकर तर्पण भी कर चुका था। यह परिवार मध्य प्रदेश के अशोक नगर का रहने वाला है। मां राजकुमारी देवी और बेटे राकेश कुमार उर्फ शेरसिंह एक दशक बाद मां से मिला तो दोनों की आंखें भर आई।

पति की मौत के बाद बिगड़ा मानसिक संतुलन
राकेश कुमार की लापता मां राजकुमार उसे राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित अपनाघर आश्रम में मिली है। राकेश ने बताया कि वर्ष 2005 में पिता की मौत के बाद से ही मां का मानसिक संतुलन बिगड़ गया था और वो मानसिक रूप से अस्वस्थ रहने लगी थीं। उनका उपचार भी चल रहा था।

2016 में मिली हादसे में मौत की खबर
वर्ष 2011 में मां राजकुमारी बिना बताए हुए घर से निकल गई। परिजनों ने उन्हें बहुत ढूंढ़ा, मगर मां का कोई सुराग नहीं मिला। फिर साल 2016 में इटारसी रेलवे स्टेशन पर एक हादसे में महिला की मौत हो गई थी। राकेश के पड़ोसी ने मृत महिला की शिनाख्त राजकुमारी के रूप में की थी।
मां को मृत मानकर करने लगे थे श्राद्ध
इसके बाद राजकुमारी के परिवार ने उन्हें मृत मानकर ब्राह्मण भोज करवाकर तर्पण भी कर दिया था। हर साल उनका श्राद्ध भी करने लगे थे। पूरे परिवार ने राजकुमारी को मृत मान लिया था, मगर बेटे राकेश का दिल इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहा था।

सोशल मीडिया पर डालता रहा पोस्ट
इसलिए राकेश ने बीते पांच साल सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर मां की तलाश करता रहा। नतीजा यह रहा किसी ने 11 मई राकेश को सूचना दी कि उसका मां राजस्थान के भरतपुर स्थित अपनाघर आश्रम में है। गोपाल नाम के शख्स से राकेश को इत्तला मिलते ही उसने अपनाघर आश्रम में फोन करके पूरी डिटेल ली।
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पत्नी के साथ आया मां को लेने
अपनाघर आश्रम के संस्थापक डॉ बीएम भारद्वाज ने बताया कि सोमवार को राकेश अपनी पत्नी के साथ मां राजकुमारी को लेने अपना घर आश्रम पहुंचे। यहां सभी जरूरी औपचारिकता पूरी कर राकेश अपनी मां को साथ लेकर घर लौट गए।












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