Rajasthan University का गजब ब्लंडर! AI से बनवाया पेपर? सवालों की जगह छात्रों को थमा दिए जवाब
Rajasthan University AI-Generated Exam Paper: क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि आप परीक्षा देने जाएं, सामने प्रश्नपत्र (Question Paper) आए और उसमें एक भी सवाल ही न हो? बल्कि उसकी जगह पहले से ही लंबे-चौड़े जवाब लिखे हों! सुनने में यह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा लग सकता है, लेकिन राजस्थान यूनिवर्सिटी (Rajasthan University) में ऐसा सच में हुआ है।
इस अनोखे और हैरान कर देने वाले मामले ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। यूनिवर्सिटी के 'पीजी स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज' में MA Sociology के सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान एक ऐसा 'चमत्कारी' पेपर सामने आया, जिसे देखकर छात्रों से लेकर प्रोफेसर्स तक की आंखें फटी की फटी रह गईं।

क्या हुआ एग्जाम सेंटर में? दोपहर 3 बजे शुरू हुआ पेपर, 3:05 पर मचा हड़कंप
मंगलवार दोपहर 3 बजे समाजशास्त्र के Indian Society का पेपर शुरू हुआ था। करीब 300 छात्र पूरी तैयारी के साथ क्लासरूम में बैठे थे। जैसे ही इनविजिलेटर्स ने प्रश्नपत्र बांटना शुरू किया, पूरे हॉल में अजीब सी फुसफुसाहट होने लगी। छात्रों ने जब पेपर ध्यान से देखा, तो उसमें कोई सवाल या मल्टीपल चॉइस ऑप्शन (MCQ) था ही नहीं। उसकी जगह सिर्फ लंबी-चौड़ी थ्योरी और पैराग्राफ लिखे हुए थे। छात्रों का आरोप है कि इस प्रश्नपत्र को किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल से तैयार किया गया था और बिना चेक किए सीधे प्रिंट निकाल कर बांट दिया गया। यह किसी AI टूल के कॉपी-पेस्ट किए गए रिस्पॉन्स या आंसर-की (Answer Key) जैसा लग रहा था।
छात्रों का क्या है कहना?
ABP न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक- परीक्षा दे रहे छात्रों ने बताया, "शुरुआत में हमें लगा कि शायद यूनिवर्सिटी ने कोई मॉडल पेपर या रेफरेंस मैटेरियल दे दिया है। लेकिन जब ध्यान से देखा तो समझ आया कि यह तो सीधे-सीधे उत्तर ही छाप दिए गए हैं। परीक्षा जैसे गंभीर मामले में ऐसी लापरवाही कैसे हो सकती है?"
बाहर मत बताना... कहकर यूनिवर्सिटी ने रद्द की परीक्षा
जैसे ही छात्रों ने इस गड़बड़ी पर हंगामा शुरू किया, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में शिक्षकों ने छात्रों से वो शीट वापस ले ली। छात्रों का आरोप है कि अधिकारियों ने उनसे पेपर वापस लेते हुए कहा कि 'इस मामले को बाहर किसी से मत बताना'। हालांकि, पानी सिर से ऊपर जा चुका था। नाराज छात्रों का एक बड़ा गुट छात्र नेताओं के साथ एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक के बाहर जमा हो गया और यूनिवर्सिटी की गोपनीयता और इस बड़ी चूक को लेकर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन करने लगा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पर जमकर प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि यह शायद देश की पहली ऐसी परीक्षा होगी जहां छात्रों को सवाल नहीं बल्कि जवाब ढूंढने पड़े। कई लोगों ने AI के बढ़ते इस्तेमाल पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने इसे विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस मामले से जुड़े पोस्ट तेजी से शेयर किए जा रहे हैं और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
AI के इस्तेमाल पर नई बहस
इस घटना ने विश्वविद्यालयों में प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर किसी भी परीक्षा के प्रश्नपत्र को कई स्तरों पर जांचा जाता है। पेपर सेट करने के बाद उसे रिचेक किया जाता है और फिर उसे अंतिम रूप दिया जाता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर प्रश्नपत्र में इतनी बड़ी गलती थी, तो वह जांच प्रक्रिया से कैसे गुजर गया?
पिछले कुछ सालों में शिक्षा क्षेत्र में AI का उपयोग तेजी से बढ़ा है। छात्र असाइनमेंट बनाने से लेकर रिसर्च और नोट्स तैयार करने तक AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं कई संस्थान भी तकनीक की मदद से काम आसान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन AI केवल एक सहायक तकनीक है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा रद्द कर दी गई है और नई परीक्षा की तैयारी की जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में क्या सामने आता है और विश्वविद्यालय भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।














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