Rajasthan Panchayat Chunav: अब बुर्के में नहीं डाल सकेंगी वोट? पर्दानशीनों के लिए चुनाव आयोग का निर्देश जारी
Rajasthan Panchayat Chunav: राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी भले ही नहीं हुआ हो, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग अभी से एक्शन मोड में है। आयोग की ओर से सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें पोलिंग पार्टियों के गठन से लेकर पर्दानशीन महिला मतदाताओं की पहचान तक के प्रावधान शामिल हैं। 14 प्वाइंट वाले निर्देश के पालन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों की होगी।
राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए यह निर्देश जारी किए गए हैं। 14 बिंदुओं वाले आदेश के तहत मतदान दलों के गठन की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारियों को सौंपी गई है। इसमें पर्दानशीन महिलाओं के लिए भी निर्देश दिया गया है।

Rajasthan Panchayat Chunav: पर्दानशीन महिलाओं की पहचान के लिए निर्देश
- चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतदान के दौरान पर्दानशीन महिला मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।
- इसके लिए पीठासीन अधिकारी स्थानीय महिला कर्मचारी की सहायता ले सकेंगे। महिला कर्मचारी पर्दा हटाकर मतदाता की पहचान और पुष्टि कराने में मदद करेंगी, ताकि मतदान की प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो सके।
- राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि यह व्यवस्था फर्जी मतदान पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है और यह निर्वाचन आयोग की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।
Panchayat Chunav:: महिला कर्मचारी ही करेंगी पहचान
निर्देशों में यह भी उल्लेख है कि पोलिंग पार्टियों के साथ यथासंभव महिला कर्मचारियों की भी तैनाती होगी। अगर किसी विशेष परिस्थिति में महिला कर्मचारी उपलब्ध न हों तो भी पर्दानशीन महिला मतदाताओं की निजता और विश्वास की रक्षा की जाएगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आम तौर पर मतदान केंद्रों पर महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की तैनाती होती है। आवश्यकता पड़ने पर पीठासीन अधिकारी इन महिला BLO की सहायता से मतदाता की पहचान सुनिश्चित कर सकते हैं।
फर्जी मतदान रोकना मुख्य उद्देश्य
राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि इन दिशा-निर्देशों का मकसद मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना और फर्जी मतदान की संभावनाओं को खत्म करना है। इससे पहले भी आयोग इस तरह के निर्देश जारी करता रहा है। बता दें कि बुर्के में वोट डालने आने वाली महिलाओं की पहचान को लेकर राजनीतिक विवाद भी हुआ है। कांग्रेस जहां इसे महिलाओं को अपमानित करने का तरीका बताती है, तो बीजेपी के दिग्गज नेता इसे निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी बताते रहे हैं।












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