Rajasthan News: राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया के भविष्य का आज होगा फैसला, भाजपा की सूची का इंतजार
Rajasthan News: केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान कर दिया है। देश में आम चुनाव का बिगुल बज गया है। राजस्थान में पहले और दूसरे चरण में मतदान होंगे। इसके साथ ही प्रदेश की बाकी बची 10 सीटों पर भाजपा की सूची का इंतजार किया जा रहा है। बीजेपी राजस्थान की 15 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों का एलान कर चुकी है। अब बाकी बची सीटों पर टिकटों की घोषणा होनी है। सियासी गलियारों में इस सूची को लेकर सबसे ज्यादा दिलचस्पी पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के नाम को लेकर है। चर्चा है कि इन दोनों नेताओं का भविष्य क्या होगा।
सूची में महिलाओं को मिलेगी तरजीह
लोकसभा चुनाव को लेकर राजस्थान के लिए आने वाली सूची में सबसे ज्यादा महिलाओं को तरजीह दी जाएगी। पार्टी टोंक सवाई माधोपुर सीट से राष्ट्रीय सचिव अलका गुर्जर को चुनाव मैदान में उतार सकती है। इसके साथ ही गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की बेटी सुनीता बैंसला पर भी दांव खेला जा सकता है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि पार्टी अलका गुर्जर को प्रदेश अध्यक्ष भी बना सकती है। इसी तरह झुंझुनू से हर्षिनी और दौसा सीट से डॉ. अर्चना मीणा को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। जयपुर शहर सीट पर भी महिला प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। यहां बाल अधिकार आयोग की पूर्व अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी और पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल पर दांव खेला जा सकता है। मनन चतुर्वेदी संघ लॉबी से आती है। नारी शक्ति के तौर पर मनन राजस्थान में बड़ा चेहरा मानी जाती हैं। अजमेर लोकसभा सीट पर सुशील कंवर पलाड़ा को उतारा जा सकता हैं। वे दूसरी बार जिला प्रमुख हैं। जयपुर ग्रामीण सीट पर प्रियंका चौधरी और राखी राठौड़ के नाम की चर्चा है। प्रियंका चौधरी आर्मी बैकग्राउंड से आती हैं। यहां से राज्यवर्धन राठौड़ सांसद और मंत्री रह चुके हैं। इनके साथ ही लालचंद कटारिया, राव राजेंद्र सिंह, श्रवण बगड़ी के नाम की भी चर्चा है।

अजमेर और राजसमंद बनी हॉट सीट
राजस्थान में अजमेर और राजसमंद लोकसभा सीट हॉट सीट बन गई है। इन सीटों पर राजेंद्र राठौड़ और सतीश पूनिया के नाम सामने आ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में सबकी निगाह इन दोनों नेताओं पर टिकी है। अजमेर में सतीश पूनिया के साथ मौजूदा सांसद भगीरथ चौधरी और सुशील कंवर पलाड़ा के नाम की भी चर्चा हैं। पार्टी ने सतीश पूनिया को जम्मू लोकसभा सीट पर प्रभारी बनाया है। चर्चा तो यह भी है कि पार्टी किसी स्थानीय नेता को भी मौका दे सकती है। भाजपा राजसमंद में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है। लेकिन पार्टी वहां राजपूत नेता भवानी सिंह कालवी पर दांव खेल सकती है। भवानी सिंह कालवी पूर्व मंत्री कल्याण सिंह कालवी के पोते और करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी के बेटे हैं। वे पोलो के अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं। भवानी सिंह कालवी खुद नागौर जिले के डेगाना के रहने वाले हैं। राजनीतिक समीक्षक कहते हैं कि भवानी सिंह कालवी का ससुराल राजसमंद में हैं। ऐसे में पूरी संभावना है कि पार्टी उनकी पत्नी को भी चुनाव लड़ा सकती है। इसी तरह श्रीगंगानगर सीट पर निहालचंद मेघवाल या कैलाश चंद मेघवाल में से किसी को प्रत्याशी बना सकती है। भीलवाड़ा सीट से रिजु झुनझुनवाला का नाम लगभग तय माना जा रहा है। करौली से मनोज राजौरिया और खिलाड़ी लाल बैरवा में से किसी को मौका दिया जा सकता है।
जयपुर शहर सीट पर फंसा पेंच
जयपुर शहर की सीट को लेकर पार्टी के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। यहां से भाजपा के कई नेता प्रबल दावेदार हैं। इनमें मनन चतुर्वेदी, ज्योति खंडेलवाल, पुनीत कर्णावट, सुनील तिवाड़ी, रामचरण बोहरा, अरुण चतुर्वेदी, राघव शर्मा, शैलेन्द्र भार्गव, सुनील कोठरी, रवि नैयर, सुरेश मिश्रा, विष्णु लाठा, अशोक लाहोटी और गोपाल शर्मा के नाम प्रमुख हैं। लेकिन इस सीट से मीडिया से जुड़े एक युवा के नाम की भी चर्चा है। राजनीति के जानकारों की माने तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस सीट को लेकर फैसला अपने पास सुरक्षित रख लिया है। ऐसे में पूरी संभावना है कि इस सीट को लेकर संघ का पूरा दखल रहेगा।












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