राजस्थान: कांग्रेस से क्यों रूठे पायलट के 2 विश्वासपात्र? BJP का थामा दामन, खुद बताई बड़ी वजह
राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की घोषित किए कैंडिडेट्स को लेकर कुछ पार्टी कार्यकर्तायों के बीच खुलकर नाराजगी सामाने आई है। ये नाराजगी ही सेंधमारी की वजह बन रही है। हाल ही में कांग्रेस के सचिन पालयट खेमे के दो वरिष्ठ कांग्रेस नेता बीजेपी में शामिल हुए हैं। इस हफ्ते सोमवार को कांग्रेस नेता पंडित सुरेश मिश्रा ने सोमवार को बीजेपी का दामन थाम लिया। पहला मौका नहीं है जब सचिन पायलट खेम के कांग्रेस दिग्गज ने पार्टी छोड़ी, इससे पहले ज्योति खंडेलवाल ने भी कांग्रेस छोड़ बीजेपी का दामन थामा लिया।
पंडित सुरेश मिश्रा ने कांग्रेस से अगल होने के सवाल पर उन्होंने बड़ी बात कही। मिश्रा ने कहा की कोई ये बात नहीं पूछ रहा कि सचिन पायलट को किस तरह कांग्रेस ने अलग थलग किया हुआ है। ऐसे में मेरे पास कोई अन्य विकल्प नहीं था। मिश्रा इससे पहले सांगानेर सीट से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। वे इस बार भी यहीं से कांग्रेस की टिकट पर अपनी दावेदारी कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया। पंडित सुरेश मिश्रा की जगह इस बार कांग्रेस ने यहां से पुष्पेंद्र भारद्वाज को मौका दिया है।

पायलट के कट्टर समर्थक थे पंडित सुरेश मिश्रा
पंडित सुरेश मिश्रा कट्टर पायलट समर्थकों में से थे। वे सर्व ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। गहलोत और पालयट खेमे के बीच खींचतान उन्होंने सचिन पालयट के जमकर समर्थन किया था। नवंबर 2022 में उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को खून से पत्र लिखकर 25 सितंबर, 2022 राजस्थान कांग्रेस में बगावत की घटनाओं की निंदा की थी। मिश्रा ने पत्र उस वक्त लिखा था जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे के विधायकों ने विधायक दल की बैठक में भाग नहीं लिया और अपना इस्तीफा दे दिया था।












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