Rajasthan: जयपुर में कुछ ऐसे बने सियासी समीकरण, सीधे PM मोदी-CM गहलोत के बीच होगी जंग!
राजस्थान बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की पांचवी लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में कुल 15 कैंडिडेट्स के नाम हैं। इन 15 नामों के साथ जयपुर शहर की तस्वीर अब साफ होने लगी है। जिसके देखने के बाद जयपुर में बीजेपी का गढ़ होने के बावजूद कांग्रेस का पलड़ा अभी भी ज्यादा मजबूत दिखाई दे रहा है। हालाकी कांग्रेस ने भी अपने दिग्गज नेता और कैबिनेट मंत्री डॉ. महेश जोशी का टिकट काट दिया है, लेकिन इसके बावजूद भी कांग्रेस बीजेपी के गढ़ जयपुर शहर को पूरी तरह ढहाने की तैयारी में है।
बीजेपी की ओर से जयपुर शहर में 10 सीटों पर 1 पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, 2 सांसद और 4 नए चेहरों के साथ तीन पुराने चेहरों पर दांव खेला है। वहीं झोटवाड़ा सीट से बीजेपी से बागी होकर पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने सोमवार को नामांकन करने का ऐलान कर दिया है। वही कांग्रेस ने अपने 8 पुराने चेहरों पर भरोसा किया है। जिसमें से 1 कैबिनेट मंत्री, तीन मौजूदा विधायक हैं। हवामहल से जिला अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी को उतारा है, तो वहीं कांग्रेस ने अपनी प्रत्याशियों की एक ओर लिस्ट निकालते हुए जयपुर की झोटवाड़ा सीट से एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी को टिकट देकर जयपुर शहर की सभी सीटों की स्थिति साफ कर दी है।

जयपुर शहर की 10 सीट की स्थिति कुछ ऐसी है।
सिविल लाइन्स विधानसभा क्षेत्र -
कांग्रेस - प्रतापसिंह खाचरियावास
बीजेपी - गोपाल शर्मा
मालवीय नगर विधानसभा -
कांग्रेस - अर्चना शर्मा
बीजेपी - कालीचरण सराफ
विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र -
कांग्रेस - सीताराम अग्रवाल
बीजेपी - दीया कुमारी
हवामहल विधानसभा क्षेत्र -
कांग्रेस - आर.आर तिवाड़ी
बीजेपी - बाल मुकुन्दाचार्य
किशनपोल विधानसभा क्षेत्र -
कांग्रेस - अमीन कागजी
बीजेपी - चन्द्रमोहन बटवाड़ा
आदर्शनगर विधानसभा क्षेत्र -
कांग्रेस - रफीक खान
बीजेपी - रवि नय्यर
सांगानेर विधानसभा क्षेत्र -
कांग्रेस - पुष्पेंद्र भारद्वाज
बीजेपी - भजनलाल शर्मा
बगरू विधानसभा क्षेत्र -
कांग्रेस - गंगा देवी
बीजेपी - कैलाश वर्मा
आमेर विधानसभा क्षेत्र -
कांग्रेस - प्रशांत शर्मा
बीजेपी - डॉ. सतीश पूनिया
झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र -
कांग्रेस - अभिषेक चौधरी
बीजेपी - राज्यवर्धन सिंह राठौड़
बीजेपी से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत
इन क्षेत्रों में बीजेपी मजबूत
विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र टक्कर बराबर की रहेगी। यहां बड़े चेहरे के रूप में जयपुर राजघराने की पूर्व राजकुमारी और सांसद दीया कुमारी को बीजेपी ने मौका दिया है। उनके सामने पूर्व में चुनाव लड़ चुके बिजनेसमैन सीताराम अग्रवाल हैं। जिसकी पहचान क्षेत्र में कार्य करने को लेकर है, अपने कार्यकर्ताओं में सीताराम अग्रवाल मजबूत पकड़ रखते हैं।
आमेर विधानसभा क्षेत्र से दोनों की पार्टियों ने अपने पुराने दिग्गजों पर दांव खेला है। लेकिन बीजेपी से डॉ. सतीश पूनिया हालही में अपनी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रहें और पीएम जैसी कई सभा के मंच पर मौजूद रहें। पूरे प्रदेश में संगठन को मजबूत करने का काम किया। जिससे उनका कद बढ़ा है। ऐसे में कांग्रेस के प्रशांत शर्मा को हराने में पूरी तकत लगानी होगी।
मालवीय नगर विधानसभा से कालीचरण सराफ राजस्थान यूनिवर्सिटी से निकल कर 8 बार विधायक बन चुके हैं। उन्होंने पिछली बार भी कांग्रेस की अर्चना शर्मा को हराया था और इस बार भी कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर अर्चना शर्मा फिर उनके सामने है।
सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पुष्पेंद्र भारद्वाज पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं और हारे हैं, लेकिन इस क्षेत्र से परिचीत हैं। वहीं बीजेपी के भजनलाल शर्मा संघ और पार्टी के बलबूते ही सही, लेकिन बीजेपी के सबसे सेफ सीट को बचाने के लिए उन्हें यहां संघर्ष करना पड़ सकता है।
यहां कांग्रेस को हराना मुश्किल
सबसे पहले बात की जाएं सिविल लाइन्स विधानसभा क्षेत्र की तो यहां कांग्रेस के केबिनेट मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास का पलड़ा भारी है। उनके सामने पत्रकार गोपाल शर्मा को टिकट दिया गया है। गोपल शर्मा शुरू से ही सांगानेर विधानसभा क्षेत्र से टिकट मांग रहे थे, लेकिन पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी का टिकट काटकर गोपाल शर्मा को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बनाया है। सिविल लाइन्स सीट बीजेपी के गढ़ के रूप में देखी जाती है, लेकिन पिछले प्रतापसिंह खाचरियावास लगातार इसी सीट से हार कर भी लड़ते हैं और अगले चुनावों में जीत जाते हैं, ऐसे में उनका अनुभव यहां पुराना है और बहजेपी के गोपाल शर्मा का राजनैतिक अनुभव कम है और वो पहले ही सांगानेर में अपनी दावेदारी जाता चुके थे, इसके बावजूद बीजेपी ने उन्हें वहां टिकट ना देकर सिविल लाइन्स से दे दिया।
हवामहल विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने ही बड़ा उल्टफेर करते हुए नये चेहरों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। बीजेपी ने पुराने दिग्गजों को पत्ता काटते हुए भगवा रूप में हाथेज धाम के बाल मुकुन्दाचार्य को टिकट दिया गया है। वहीं कैबिनेट मंत्री और सीएम अशोक गहलोत के खास महेश जोशी का टिकट काटकर जिला अध्यक्ष आर.आर तिवाड़ी को मैदान में उतारा गया है। ऐसे में दोनों ही प्रत्याशियों में फाइट रहेंगी।
किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने अपने पुराने और वरिष्ठ विधायक अमीन कागजी पर भरोसा किया। तो वहीं बीजेपी में यहां संघ की चली। संघ की ओर से चन्द्रमोहन बटवाड़ा को विधायकी का टिकट दिया गया है। चन्द्रमोहन बटवाड़ा पूर्व पार्षद और संघ के हिन्दू आध्यात्म एवं सेवा फाउंडेशन के सचिव भी हैं। लेकिन यहां मुस्लिम वोटर्स ज्यादा है और इसलिए अमीन कागजी मौजूदा विधायक भी हैं। इसलिए बीजेपी के चन्द्रमोहन बटवाड़ा के सामने चूनौती बड़ी होगी।
आदर्शनगर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने पूर्व विधायक रफीक खान पर भरोसा किया गया है। वहीं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी को टिकट काटकर एक होटल संचालक रवि नय्यर को टिकट दिया गया है। यहां मुस्लिम वोटर्स के साथ पंजाबी वोटर्स भी है। इसलिए यहां दोनों में टक्कर होने की उम्मीद है।
बगरू विधानसभा क्षेत्र से
कांग्रेस की गंगा देवी मौजूदा विधायक हैं और पिछले ही चुनावों में एनएसयूआई से सीधे बीजेपी विधायक का टिकट लेने वाले कैलाश वर्मा ने गंगा देवी को हरा दिया था। लेकिन लोगों को कहना है कि अपने पहले चुनाव में कैलाश वर्मा मोदी लहर में जीत गए। अब उन्हें क्षेत्र में खुद के दम पर चूनौती देनी होगी।
यहां बीजेपी को बीजेपी से ही खतरा!
झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र का चुनाव रौचक होगा, अगर पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने यहां से बागी होकर निर्दलीय नामांकन किया तो यहां बीजेपी के ही सांसद और बड़ा चेहरा राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को मुसीबत हो सकती है। क्योंकि कांग्रेस की ओर से एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी को यंहा से चुनाव लड़ाया जा रहा है। अभिषेक जोधपुर की लोहावट से टिकट मांग रहें थे, लेकिन नहीं मिला। ऐसे में यहां बीजेपी को अपने की बागी हुए साथी से खतरा है।
कुल मिलाकर बीजेपी पीएम मोदी की टीम दो सांसदों और 1 बाबा के सहारे विधायक सभा चुनाव का रण लड़ रही है, तो वहीं 1 कैबिनेट मंत्री, 3 मौजूदा विधायक और एनएसयूआई और जिला कांग्रेस के अध्यक्ष के साथ सीएम अशोक गहलोत के सिपाही चुनावी मैदान में उतर चुके है। ऐसे में गुलाबी नगरी जयपुर का मुकाबला सीधे पीएम मोदी और सीएम अशोक गहलोत के बीच में माना जा रहा है।












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