Rahul Kaswan: चूरू में राहुल कस्‍वां की जीत के 4 कारण, क्‍या राजेंद्र राठौड़ की वजह से हारे देवेंद्र झाझड़िया?

Rahul Kaswan vs Devendra Jhajharia Churu: लोकसभा चुनाव 2024 में चूरू सीट पर कांग्रेस के राहुल कस्‍वां ने रोमांचक जीत दर्ज की है। राहुल कस्‍वां के सामने भाजपा के देवेंद्र झाझड़िया को हार का सामना करना पड़ा है।

चूरू लोकसभा सीट का चुनाव परिणाम 4 जून 2024 को घोषित किया गया। राहुल कस्‍वां ने 728211 व देवेंद्र झाझड़िया ने 655474 वोट हासिल किए। कस्‍वां ने 72737 मतों से जीत दर्ज की और लगातार बार चूरू सांसद बने।

Churu Loksabha Election result 2024

राहुल कस्‍वां पहले भाजपा में रहे। साल 2014 व 2019 में भाजपा सांसद भी बने। लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा ने मौजूदा सांसद राहुल का टिकट काटकर पीएम मोदी के करीब पैरांलपिक खिलाड़ी देवेंद्र झाझड़िया को चूरू से प्रत्‍याशी बनाया था।

इन चार वजह से जीते राहुल कस्‍वां

1. काका-भतीजा विवाद

राहुल कस्‍वां का टिकट की वजह चूरू का काका-भतीजा विवाद माना जाता है। काका मतलब भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ व भतीजा खुद राहुल कस्‍वां। चुनावी सभाएं दोनों ने एक-दूसरे का नाम लेने की काका-भतीजा कहकर कई बार निशाना साधा।

चूरू कस्‍वां-राठौड़ सियासी विवाद तब से ज्‍यादा बढ़ा जब राजस्‍थान विधानसभा चुनाव 2023 में तारानगर सीट से राजेंद्र राठौड़ को हार का सामना करना पड़ा था। राहुल कस्‍वां पर राठौड़ व उनके समर्थकों ने चुनाव हरवाने का आरोप लगाया था।

Churu Loksabha Election result 2024

2. जातीय समीकरण

चूरू संसदीय क्षेत्र में चूरू, रतनगढ़, सरदारशहर, तारानगर, राजगढ़, नोहर, भादरा, सुजानगढ़ सीटें आती हैं। इन पर चुनावों में जाट व राजपूत वोटर निर्याणक भूमिका में रहते हैं। चूरू लोकसभा चुनाव में राठौड़-कस्‍वां विवाद में जाट वोटरों का ज्‍यादा झुकाव राहुल कस्‍वां की तरफ हुआ। हालांकि देवेंद्र झाझड़िया भी जाट समुदाय से हैं।

3. पारिवार की सियासी पैठ

राहुल कस्‍वां के चूरू से लगातार तीसरी बार सांसद बनने की एक वजह इनके परिवार की सियासी पैठ भी है। राहुल कस्‍वां के पिता रामसिंह कस्‍वां 1991, 1999, 2004, 2009 में चूरू से सांसद बने हैं। इसके अलावा सादुलपुर सीट से साल 1998 में रामसिंह कस्‍वां व साल 2008 में मां कमला कस्‍वां विधायक रही है।

4. कार्यशैली

राजस्‍थान के युवा नेताओं में से एक राहुल कस्‍वां को चूरू से सांसद बनाने की वजह उनकी बेहतरीन कार्यशैली भी है। राहुल कस्‍वां का देसी अंदाज उनको बाकी नेताओं से जुदा बनाता है। भाजपा का टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस में आए राहुल कस्‍वां ने चुनाव लड़ने का फैसला जनता से पूछकर लिया था।

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