Paramedical Exam पेपर लीक! 5.5 लाख में 45 छात्रों को पास कराने की डील, HOD-लेक्चरर समेत 4 अरेस्ट

Pramedical Exam Cheating Racket Busted: NEET पेपर लीक मामले के बीच शिक्षा के नाम पर हो रही नकल और फर्जीवाड़े की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। राजस्थान में पैरामेडिकल परीक्षा के दौरान नकल कराने वाले एक बड़े रैकेट को जयपुर वेस्ट पुलिस ने ध्वस्त कर दिया। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो कॉलेजों के HOD, लेक्चरर और संचालक शामिल हैं।

पूरी साजिश मात्र 5.50 लाख रुपये में 45 छात्रों को पास कराने की थी। पुलिस ने मोबाइल चैट, डायरियां और एडमिट कार्ड की PDF फाइलें बरामद की हैं, जो इस रैकेट की गहराई को उजागर करती हैं। घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर छात्रों ने जमकर हंगामा किया और पेपर रद्द कर दिया गया। यह मामला शिक्षा व्यवस्था में गहरी सड़न को दिखाता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कैसे देते थे नकलचियों का साथ...

paramedical-exam-cheating-racket-busted

झुंझुनूं जिले के मुकुंदगढ़ स्थित एस. करण कॉलेज के 45 फर्स्ट ईयर छात्रों की बैक आई हुई थी। इन छात्रों को किसी भी तरह पास करवाना था। कॉलेज प्रशासन ने जयपुर के प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालकों से सांठ-गांठ कर ली। तय हुआ कि जयपुर के परीक्षा केंद्र पर इन छात्रों को एक ही कमरे में बिठाकर फर्जी इनविजिलेटर (वीक्षक) के जरिए पेपर सॉल्व करवाया जाएगा।

इस सौदे के एवज में 5.50 लाख रुपये फिक्स हुए। पुलिस जांच के अनुसार, 27 जून को 3.27 लाख रुपये पहले ही रामकृष्ण मंडीवाल के जरिए देवकृष्ण मंडीवाल को दे दिए गए थे। बाकी रकम बाद में देने का प्लान था।

पुलिस ने कैसे पकड़ा रैकेट?

27 जून को जयपुर पुलिस कंट्रोल रूम को कालवाड़ रोड स्थित प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में पैसे लेकर पेपर लीक कराने की सूचना मिली। DST टीम तुरंत सक्रिय हुई। प्रताप नगर इलाके से कृष्ण कुमार सैनी (एस. करण कॉलेज के पैरामेडिकल डिपार्टमेंट HOD) और शंकर लाल जाट (27 वर्ष, रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट लेक्चरर) को गिरफ्तार किया गया।

तलाशी के दौरान उनके बैग से दो डायरियां बरामद हुईं। इनमें छात्रों के नाम, ली गई रकम का पूरा हिसाब-किताब और अन्य डिटेल्स दर्ज थे। मोबाइल चैट में 'शंकर बाजिया सर' नाम से चैट मिली, जिसमें परीक्षा देने वाले छात्रों के एडमिट कार्ड की PDF फाइलें शेयर की गई थीं। इन PDF पर परीक्षा केंद्र का नाम प्रभा देवी मेमोरियल कॉलेज लिखा था। आरोपियों ने पूछताछ में कबूल किया कि उन्होंने 45 छात्रों से कुल 5.50 लाख रुपये लिए थे। रामकृष्ण मंडीवाल (प्रभा मेमोरियल पीजी कॉलेज से जुड़े) और उनके भतीजे देवकृष्ण मंडीवाल (कॉलेज एडमिनिस्ट्रेटर) को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

जयपुर वेस्ट पुलिस (खोराबीसल थाना) ने सभी चारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने पुष्टि की कि जांच जारी है और रैकेट की गहराई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

परीक्षा केंद्र पर हंगामा, पेपर रद्द

नकल की साजिश सामने आने के बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अन्य छात्र भड़क गए। प्रभा देवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परिसर के बाहर छात्रों ने जमकर नारेबाजी की, कुर्सियां फेंकीं और तोड़फोड़ की। उन्होंने परीक्षा तुरंत रद्द करने की मांग की।

आक्रोशित छात्रों को शांत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा। राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल ने गड़बड़ी देखते हुए पूरे केंद्र की परीक्षाएं आगामी आदेश तक रद्द कर दीं। यह फैसला सैकड़ों ईमानदार छात्रों को प्रभावित करेगा, लेकिन नकल रोकने के लिए जरूरी था।

गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन?

  • कृष्ण कुमार सैनी : एस. करण कॉलेज, पैरामेडिकल डिपार्टमेंट HOD
  • शंकर लाल जाट : एस. करण कॉलेज, रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट लेक्चरर
  • रामकृष्ण मंडीवाल : प्रभा मेमोरियल पीजी कॉलेज से जुड़े
  • देवकृष्ण मंडीवाल : प्रभा मेमोरियल पीजी कॉलेज एडमिनिस्ट्रेटर (रामकृष्ण के भतीजे)

ये सभी शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग हैं, जो नकल के धंधे में शामिल पाए गए। यह बात और भी गंभीर बनाती है।

नकल रैकेट कैसे काम करता था?

  • छात्रों की बैक क्लियर करवाने के लिए पैसे वसूले जाते।
  • परीक्षा केंद्र पर मनपसंद इनविजिलेटर लगाए जाते।
  • एक ही कमरे में सभी नकल करने वाले छात्र बिठाए जाते।
  • पेपर के दौरान वीक्षक खुद सॉल्यूशन देते या आसानी देते।
  • कैश ट्रांजेक्शन डायरियों में दर्ज, व्हाट्सएप पर PDF शेयर।

पुलिस को मिले सबूत इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह सिस्टमैटिक रैकेट था, न कि कोई छोटी घटना।

शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

यह मामला पैरामेडिकल शिक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। पैरामेडिकल कोर्स नर्सिंग, रेडियोलॉजी, लैब टेक्नीशियन आदि तैयार करते हैं। इनमें नकल करने वाले छात्र भविष्य में मरीजों की जान कैसे संभालेंगे?

राजस्थान में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जहां कॉलेज प्रशासन और शिक्षक ही नकल रैकेट चला रहे हैं। यह सिस्टम की गंभीर खामी दर्शाता है। परीक्षा केंद्रों पर CCTV, बायोमेट्रिक और सख्त इनविजिलेशन की जरूरत है।

छात्रों की प्रतिक्रिया और प्रभाव

ईमानदार छात्र नाराज हैं। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वालों का भविष्य ऐसे रैकेट खराब कर रहे हैं। परीक्षा रद्द होने से कई छात्रों का समय और पैसा बर्बाद हुआ। अब काउंसिल को नई तारीख घोषित करनी होगी।

पुलिस की भूमिका और आगे की जांच

जयपुर पुलिस की DST टीम ने त्वरित कार्रवाई की, जो सराहनीय है। अब पुलिस को पूरे रैकेट की गहराई जांचनी है कि क्या बड़े अधिकारी या और कॉलेज शामिल हैं? पैसे का पूरा फ्लो ट्रेस करना होगा। BNS की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। आरोपी जमानत पर बाहर आने की कोशिश करेंगे, लेकिन सबूत मजबूत होने से सजा तय लगती है।

शिक्षा में सुधार की जरूरत

यह रैकेट बस्ट शिक्षा क्षेत्र के लिए चेतावनी है। कॉलेज संचालक, शिक्षक और छात्र, सभी को समझना होगा कि नकल से कोई भविष्य नहीं बनता। सरकार को पैरामेडिकल शिक्षा पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए। 45 छात्रों की बैक क्लियर करवाने की हताशा ने एक बड़े रैकेट को उजागर कर दिया। अब न्याय की बारी है। पुलिस और काउंसिल दोनों को पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए ताकि ईमानदार छात्रों का विश्वास टूट न जाए।

OI Exclusive: क्या राजनीतिक पार्टी बनेगी CJP? अभिजीत दीपके ने दिया सीधा जवाब, किसानों पर कही बड़ी बात
OI Exclusive: क्या राजनीतिक पार्टी बनेगी CJP? अभिजीत दीपके ने दिया सीधा जवाब, किसानों पर कही बड़ी बात
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+