kumher kand Bharatpur: राजस्थान में 16 लोगों की जान लेने वाले कुम्हेर कांड में 9 दोषियों को उम्रकैद
kumher kand News in Hindi: राजस्थान के भरतपुर जिले का बहुचर्चित कुम्हेर कांड फिर सुर्खियों में है। शनिवार को अदालत ने कुम्हेर कांड 1992 में फैसला सुनाया है। कुम्हेर कांड में 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई है। 41 आरोपियों को बरी किया गया है।
32 वर्ष पुराने भरतपुर के कुम्हेर कांड में शनिवार को अदालती फैसले को लेकर भरतपुर अदालत परिसर में गहमा गहमी रही। मुकदमे में 17 दलितों की हत्या के लिए आरोपी बनाए गए मुलजिम फैसला सुनने के लिए कोर्ट पहुंचे थे। दोपहर के बाद विशिष्ट न्यायाधीश अनुसूचित जाति-जनजाति न्यायालय भरतपुर ने फैसला सुनाया। कुम्हेर कांड के कई आरोपी तो अब बुजुर्ग हो चुके हैं। एक आरोपी अभी भी फरार है।

कुम्हेर कांड का इतिहास
राजस्थान के भरतपुर जिले के कुम्हेर कस्बे में 1 जून 1992 को एक सिनेमाघर पर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था, जिसने देखते ही देखते जातीय तनाव और हिंसा का रूप ले लिया था।
38 साल पहले हुए कुम्हेर कांड में जाट और जाटव समुदाय आपस में भिड़ गए थे। इस जातीय संघर्ष में 16 लोगों की जान चली गई थी। कई दिनों तक कुम्हेर कर्फ्यू की जद में रहा था।
Recommended Video

कुम्हेर कांड 1992 में क्या हुआ था?
जानकारी के अनुसार मोहरपाल पुत्र छोटेलाल जाटव निवासी सेंथरी ने अपने बयान में बताया था कि कुम्हेर कांड 7 जून 1992 को दोपहर 12 बजे की घटना है। 200-250 लोग हाथ में लाठी-फरसा और तलवार लेकर आए थे। इन लोगों ने आते ही उसे मारना शुरू कर दिया था और चुन्नी, छोटेलाल, रामसिंह, भगवानदास, शिब्बो आदि ने घरों को आग के हवाले कर दिया था।

आरोपियों ने फूल सिंह को आग में जिंदा जला दिया। इसके अलावा गोपाल और नाहरसिंह को पीट-पीटकर मर डाला था। कुम्हेर कांड में मोहन सिंह पुत्र जौहरी, नेकराम, राजाराम, बाबूलाल, महेश, कुंजबिहारी, राधेश्याम और विपती राम समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था।
संवाद सूत्र-विजय रिंकू एलीज़ा, भरतपुर, राजस्थान












Click it and Unblock the Notifications