Lok Sabha Election: राजस्थान की 12 सीटों पर मोदी मैजिक या फिर कांग्रेस का गठबंधन, कौन कितना असरदार ?
Lok Sabha Election: देश में पहले चरण के मतदान को लेकर आज चुनावी शोर पूरी तरह से थम गया लेकिन राजस्थान की 12 सीटों पर 19 अप्रेल को होने वाले चुनाव में कौन किस पर कितना भारी पड़ने वाला है इसकों लेकर वन इंडिया डॉट कॉम की इस रिपोर्ट को देखिए।
वैसे तो भाजपा लगातार देश में 400 पार का नारा देकर मोदी मैजिक का राग अलाप रही है। लेकिन क्या वाकई मोदी मैजिक का असर इस बार भी राजस्थान में देखने को मिलेगा या फिर कांग्रेस का गठबंधन कोई चमत्कार कर सकता है।
लोकसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के लिए तैयारी अंतिम चरण में है। 19 अप्रैल को मतदान होना है। राजस्थान की 12 सीटों पर पहले चरण में वोटिंग होनी है। इन सभी 12 सीटों के सियासी गठित को समझने की कोशिश करते है।
लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 102 सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है। पहले चरण वाली सीटों पर आज प्रचार का शोर थम गया। अब प्रत्याशी डोर डू डोर कैंपेनिंग में लगे है।

दूसरी ओर निर्वाचन आयोग और पुलिस-प्रशासन निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने की तैयारियों में जुटा है। पहले चरण में राजस्थान की 12 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा है।
अब तक राजस्थान के सियासी रण में भाजपा-कांग्रेस की सीधी टक्कर होती आई है, लेकिन इस बार भाजपा के क्लीन स्वीप को रोकने के लिए कांग्रेस ने हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी के साथ-साथ लेफ्ट और भारत आदिवासी पार्टी से गठबंधन किया है।
पहले चरण में इन 12 सीटों पर होना है मतदान
राजस्थान में पहले चरण में चुनाव वाली 12 सीटों श्रीगंगानर, बीकानेर, चूरू, नागौर, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली- धौलपुर में इस बार का काफी रोचक मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी उम्मीदवारों के बीच है।
राष्ट्रीय मुद्दों पर लोकसभा का चुनाव होता है। राम मंदिर मुद्दा भी अबकी बार हावी है। कई जगह जातीय समीकरण प्रत्याशियों की जीत-हार का कारण बन सकते हैं। कहीं टिकट काटना और नए चेहरे उतारना भी बड़ी भूमिका चुनाव में अदा करेगा।
पहले चरण वाली इन 12 सीटों में से 6 सीटें ऐसी हैं, जिसके नतीजों पर सबकी नजरें टिकी होगी। ये 6 हॉट सीटें है- चूरू, नागौर, जयपुर, बीकानेर, अलवर, दौसा।
सबसे पहले बात करते है चूरू लोकसभा सीट की, इस पर पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने बीजेपी उम्मीदवार देवेंद्र झाझड़िया के समर्थन में जनसभा कर कहा था कि दिल्ली से नरेंद्र देवेंद्र के लिए आशीर्वाद मांगने आया है। जब नरेंद्र देवेंद्र के लिए आशीर्वाद मांगता है तो आप लोग छप्पर फाड़कर देते हैं।
बीजेपी से सांसद रहे राहुल कस्वां का टिकट काटकर पैरा ओलंपियन देवेंद्र झाझड़िया को उम्मीदवार बनाया गया, तो बागी होकर राहुल कस्वां ने कांग्रेस जॉइन कर ली. अब राहुल कस्वां कांग्रेस के टिकट पर चूरू से चुनाव लड़ रहे हैं।
इसीलिए यह हॉट सीट बन गई है। चूरू सीट पर बीजेपी मुश्किल में थी। लेकिन बसपा के सादुलपुर विधायक रहे मनोज न्यांगली के शिवसेना-शिंदे पार्टी में शामिल होने और बीजेपी प्रत्याशी देवेंद्र झाझड़िया के प्रचार में जुटने से मुकाबला बीजेपी-कांग्रेस में कांटे का हो गया है।
नागौर में ज्योति मिर्धा- हनुमान बेनीवाल आमने-सामने
राजस्थान की सबसे हॉट सीट नागौर में चुनावी चेहरे पुराने हैं। जबकि पार्टियां बदल गई हैं। नागौर में बीजेपी की प्रत्याशी ज्योति मिर्धा चुनाव मैदान में हैं। जिनका सीधा मुकाबला राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के हनुमान बेनीवाल से है। कांग्रेस ने खुद का कोई प्रत्याशी नहीं उतारा, बल्कि आरएलपी के साथ इंडी अलाइंस के तहत गठबंधन किया है।
हनुमान बेनीवाल ही कांग्रेस के समर्थित प्रत्याशी हैं. ज्योति मिर्धा कद्दावर और राजनीतिक मिर्धा घराने से हैं। जो नाथूराम मिर्धा से लेकर दशकों तक कांग्रेसियों का परिवार रहा है। लेकिन अब हालात बदले हुए हैं।
ज्योति मिर्धा ने कहा है कि आजादी के बाद पहली बार नागौर में कांग्रेस का चिन्ह लोकसभा चुनाव में नहीं है.और हनुमान बेनीवाल विश्वास के लायक नहीं हैं, क्योंकि वो पार्टियां बदलते रहे हैं।
जयपुर शहर से खाचरिवास के सामने बीजेपी की मंजू शर्मा मैदान में
जयपुर शहर की लोकसभा सीट से बीजेपी ने वर्तमान सांसद रामचरण बोहरा का टिकट काटकर मंजू शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और कई बार विधायक रहे भंवरलाल शर्मा की बेटी मंजू शर्मा हैं।
जिनके सामने कांग्रेस ने पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास को चुनाव मैदान में उतारा है। सुनील शर्मा को टिकट देने और फिर उन पर शशि थरूर के आरोप लगाने के बाद उम्मीदवारी दबाव में छोड़ने से यह हॉट सीट बन गई है।
बीकानेर में अर्जून राम मेघवाल-गोविंदराम मेघवाल में सीधा मुकाबला दो मेघवालों में रोचक मुकाबला
बीकानेर से केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल लगातार तीसरी बार बीजेपी प्रत्याशी हैं। उनके सामने कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद राम मेघवाल हैं। हालांकि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें हार मिली थी। मेघवाल वर्सेज मेघवाल का मुकाबला काफी रोचक है। इस चुनाव में यदि अर्जुनराम मेघवाल को जीत मिली तो वो बीकानेर से जीत की हैट्रिक पूरी करेंगे।
अलवर में दो यादवों में टक्कर
अलवर लोकसभा सीट से भाजपा ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को चुनाव मैदान में उतारा है, कांग्रेस ने मौजूदा विधायक ललित यादव को प्रत्याशी बनाया है। एक अनुभवी नेता का मुकाबला नौजवान विधायक से होना है। अलवर में बसपा ने त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है। बसपा उम्मीदवार फजल खान के समर्थन में वोट की अपील करने मायावती आज अलवर आईं और जनसभा की।
दौसा में दो मीणा आमने-सामने लेकिन साख लगी किरोडी की दांव पर
दौसा में भी पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी ने रोड शो किया है। दौसा लोकसभा सीट पर बीजेपी ने मौजूदा सांसद जसकौर मीणा का टिकट काटकर बस्सी के पूर्व विधायक कन्हैयालाल मीणा को चुनाव मैदान में उतारा है।
किरोड़ीलाल मीणा अपने भाई जगमोहन मीणा को यह टिकट दिलवाना चाहते थे। मौजूदा सांसद जसकौर मीणा भी अपनी बेटी अर्चना मीणा के लिए टिकट मांग रही थीं। लेकिन दोनों को ही टिकट नहीं मिला।
कन्हैयालाल मीणा के सामने कांग्रेस से पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक मुरारी लाल मीणा हैं। कांग्रेस टिकट नहीं मिलने से नरेश मीणा भी नाराज हैं.जिन्होंने मुरारीलाल मीणा के सामने मोर्चा खोलकर मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
जयपुर ग्रामीण सीट पर पायलट के करीबी अनिल चोपड़ा मैदान में
जयपुर ग्रामीण से बीजेपी प्रत्याशी राव राजेंद्र सिंह हैं, जो पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रहे हैं। उनका सामना कांग्रेस के युवा नेता अनिल चोपड़ा से होने वाला है। यहां राजपूत वर्सेज जाट का मुकाबला है।
पिछली गहलोत सरकार में मंत्री रहे लालचंद कटारिया और राजेंद्र यादव दोनों बीजेपी में शामिल होने के बाद राव राजेंद्र सिंह के प्रचार में जुटे हैं। जबकि सचिन पायलट अपने करीबी युवा नेता अनिल चोपड़ा की रणनीति बना रहे हैं।
करौली-धौलपुर में इंदु जाटव-भजनलाल जाटव मैदान में
करौली-धौलपुर से बीजेपी ने सांसद डॉ मनोज राजोरिया का टिकट काटकर करौली पंचायत समिति की पूर्व प्रधान इंदु देवी जाटव को उम्मीदवार बनाया है। जिसका सीधा मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व मंत्री भजनलाल जाटव से है। जबकि बहुजन समाज पार्टी से यहां विक्रम सिंह प्रत्याशी हैं।
श्रीगंगानगर में प्रियंका-कुलदीप में मुकाबला
श्रीगंगानगर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी प्रियंका बैलाण हैं। जो अनूपगढ नगर परिषद की सभापति हैं और पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं। बीजेपी ने निहालचंद मेघवाल का टिकट काटकर प्रियंका को उम्मीदवार बनाया है। श्रीगंगानगर से कांग्रेस ने कुलदीप इंदौरा को उम्मीदवार बनाया है।
झुंझुनूं में शुभकरण चौधरी और बृजेंद्र ओला में मुकाबला
झुंझुनूं लोकसभा सीट से पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी बीजेपी से उम्मीदवार है। जिनका सीधा मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार, पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक बृजेंद्र सिंह ओला से है। जो कद्दावर जाट नेता और केंद्रीय मंत्री रहे स्व. शीशराम ओला के पुत्र हैं..साथ ही सचिन पायलट के भी बेहद करीबी हैं।
भरतपुर में रामस्वरूप कोली और संजना जाटव में मुकाबला
भरतपुर लोकसभा सीट से भाजपा ने मौजूदा सांसद रंजीता कोली का टिकट काटकर पूर्व सांसद रामस्वरूप कोली को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने संजना जाटव को प्रत्याशी बनाया है। भरतपुर में जाट आरक्षण आंदोलन भी चुनावी हवा तय करेगा। क्योंकि 5 लाख से ज्यादा जाट भरतपुर में हैं। इसीलिए पिछले दिनों सीएम भजनलाल ने कहा है कि जाट आरक्षण मुद्दे पर राज्य सरकार ओबीसी आयोग में पुरजोर पैरवी करेगी।
सीकर में सुमेधानंद और एंडी गठबंधन के अमराराम में मुकाबला
सीकर लोकसभा सीट से भाजपा ने अपने सांसद सुमेधानंद सरस्वती एक बार फिर चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने यहां खुद का प्रत्याशी उतारने की बजाय माकपा के साथ इंडी गठबंधन किया है। माकपा की ओर से अमराराम चौधरी ने नामांकन दाखिल किया है।












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