Jyoti Mirdha Join BJP: अब लोकसभा चुनाव 2024 में नागौर MP Hanuman Beniwal का अगल कदम क्या होगा?
Jyoti Mirdha Nagaur: कांग्रेस नेता डॉ. ज्योति मिर्धा ने भाजपा ज्वाइन कर ली। लोकसभा चुनाव 2024 नागौर से भाजपा प्रत्याशी बनने की उम्मीद है। ऐसे में एनडीए से सांसद बने हनुमान बेनीवाल क्या कदम उठाएंगे?
Jyoti Mirdha vs Hanuman Beniwal: राजस्थान के नागौर की पूर्व सांसद डॉ. ज्योति मिर्धा ने सोमवार को कांग्रेस के 'हाथ' का साथ छोड़ भाजपा ज्वाइन कर ली। दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में राजस्थान के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह व राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने ज्योति मिर्धा व उनके साथ रिटायर्ड आईपीएस सवाई सिंह चौधरी को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई है।

ज्योति मिर्धा के भाजपा ज्वाइन करने के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि लोकसभा चुनाव 2024 में ज्योति मिर्धा को भाजपा नागौर से अपना प्रत्याशी बना सकती है। अगर ऐसा होता है तो हर किसी के नजरें नागौर के वर्तमान सांसद हनुमान बेनीवाल के अगले कदम पर होंगी।
हनुमान बेनीवाल ज्योति मिर्धा आमने-सामने
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था। तब नागौर सीट पर हनुमान बेनीवाल का सामना कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. ज्योति मिर्धा से ही हुआ था। बेनीवाल 6,60,051 और ज्योति मिर्धा को 4,78,791 मिले थे। 1, 81, 260 वोटों से हनुमान बेनीवाल जीते थे।
अब देखने वाली बात यह होगी कि हनुमान बेनीवाल लोकसभा चुनाव 2024 में फिर से भाजपा से आरएलपी का गठबंधन करने में सफल होते हैं या अकेले चुनाव लड़ेंगे। अकेले चुनाव लड़ने की स्थिति में हनुमान बेनीवाल की राह आसान नहीं होगी। इधर, लोकसभा चुनाव 2014 व 2019 में लगातार दो बार हारने वाली ज्योति मिर्धा पर भाजपा दांव लगाती है या नहीं।
बता दें कि ज्योति मिर्धा व हनुमान बेनीवाल दोनों ही जाट नेता हैं। ज्योति मिर्धा जहां नागौर के पूर्व सांसद अपने दादा नाथूराम मिर्धा व पिता रामप्रकाश मिर्धा की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। वहीं, हनुमान बेनीवाल अपनी पार्टी आरएलपी बनाकर सियासी मैदान में हैं।
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कौन हैं डॉ. ज्योति मिर्धा नागौर?
- डॉ. ज्योति मिर्धा के दादा नाथूराम मिर्धा कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे। किसान केसरी नाथूराम मिर्धा छह बार सांसद बने। केंद्रीय मंत्री भी रहे।
- ज्योति मिर्धा का जन्म 26 जुलाई 1972 को नई दिल्ली में हुआ। बचपन दिल्ली में ही बीता और शुरुआती पढ़ाई भी यहीं से हुई। सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज से भी पढ़ीं।
- ज्योति मिर्धा की शादी साल 2000 में हरियाणा के नरेंद्र सिंह गहलोत के साथ हुई। ज्योति के पति गहलोत बिजनेसमैन हैं।
ज्योति मिर्धा के भाजपा ज्वाइन करने की वजह
भाजपा के पास लोकसभा चुनाव के लिए कोई कद्दावर नेता नहीं है। ऐसे में भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 में नागौर सीट पर आरएलपी से गठबंधन करके हनुमान बेनीवाल को प्रत्याशी बनाया। मतलब यह है कि नागौर में भाजपा को किसी दिग्गज नेता की तलाश थी। ज्योति मिर्धा की पहचान नाथूराम मिर्धा की पोती के रूप में पूरे मारवाड़ है। इसी का फायदा भाजपा उठाना चाह रही है। उधर,, ज्योति मिर्धा लोकसभा चुनाव 2014 और 2019 हार गई थी। ऐसे में उन्हें भी भाजपा की जरूरत थी।
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