Positive News : ऊंटगाड़ी चलाने वाले मालीराम झाझड़िया के परिवार में 21 सदस्य लगे सरकारी नौकरी
नई दिल्ली। कुछ लोग अपने परिवार में शिक्षा, संस्कार और मेहनत की ऐसी लकीर खींच देते हैं, जिसके सहारे कई पीढ़ी कामयाबी की सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़ती ही चली जाती है। ऐसे ही शख्स थे मालीराम झाझड़िया। ऊंटगाड़ी चलाते थे। मजदूरी किया करते थे। खेतों में भी खूब पसीना बहाते थे।

मालीराम झाझड़िया का परिवार सरकारी नौकरियों की खान
मालीराम झाझड़िया खुद ज्यादा नहीं पढ़ पाए, मगर बेटा-बेटियों को खूब पढ़ाया-लिखाया। शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार दिए और काबिल बनाया। यही वजह है कि मालीराम झाझड़िया का परिवार सरकारी नौकरियों की खान है। इस अकेले परिवार से 21 सदस्य विभिन्न परीक्षाएं उत्तीर्ण करने में सफल हो रहे हैं। डॉक्टर, इंजीनियर से लेकर बैंककर्मी व शिक्षिका बहू बेटियां इस परिवार की शान बढ़ा रही हैं।

झुंझुनूं के केहरपुरा कलां गांव का है झाझड़िया परिवार
कामयाबी की मिसाल झाझड़िया परिवार राजस्थान के झुंझुनूं जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित गांव केहरपुरा कलां का रहने वाला है। मालीराम झाझड़िया के परिवार में सरकारी नौकरी लगने का सिलसिला वर्ष 1967 में शुरू हुआ था, जो 53 साल बाद आज भी जारी है।

चार बेटे लगे सरकारी नौकरी
मालीराम झाझड़िया के पांच बेटे और दो बेटी हैं। चार बेटे रामकरण झाझड़िया, हनुमान झाझड़िया, विद्याधर झाझड़िया, रामनिवास झाझड़िया व एक बेटी सूर्यकांता की सरकारी नौकरी लगी। तीन बेटे रिटायर हो चुके हैं। बेटे के अलावा मालीराम की पुत्रवधू भी सरकारी नौकरी में हैं। दूसरी पीढ़ी में पोते-पोतियां और पौत्रवधू ने भी सफलता हासिल की है। इनके परिवार में वर्ष 2018 में चार बहू-बेटियां एक साथ नौकरी लगी थी।

बेटे रामकरण झाझड़िया का परिवार
1.खुद रामकरण सिंह सार्वजनिक निर्माण विभाग में सुपरवाइजर पद से रिटायर
2. बेटा पवन किशोर, इंजीनियरिंग कॉलेज जयपुर में एचओडी
3. पुत्रवधू वीना जेवीवीएनएल में एईएन
4.बेटी संजू, राजकीय स्कूल बामनवास में शिक्षिका
5. बेटी अंशू, कृषि पंत भवन जयपुर में सीड ऑफिसर

बेटे हनुमान झाझड़िया का परिवार
6. खुद हनुमान सिंह जोधपुर जिले के बेनाड़ पुलिस थानाधिकारी पद से रिटायर हो चुके हैं।
7. बेटी पूनम जयपुर के जेके लॉन अस्पताल में कार्यरत
8. एडवोकेट बेटे अरुण कुमार की पत्नी प्रेमिला देवी जोधपुर के सरकारी स्कूल में शिक्षिका
9. निजी बैंक मैंनेजर बेटे अनूप कुमार की पत्नी सुनीता देवी जालोर के सरकारी स्कूल में शिक्षिका

बेटे विद्याधर झाझड़िया का परिवार
10 . खुद विद्याधर झाझड़िया एसबीआई मुख्य प्रबंधक पद से रिटायर हो चुके हैं।
11. विद्याधर झाझड़िया की पत्नी अमृत कौर गांव सुल्ताना के सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं।
12. बेटा डॉ. जोगेन्द्र सिंह बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में एमएस जर्नल सर्जन हैं।
13. पुत्रवधू डॉ.निर्मला मूंड भी बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में एमडी पैथोलॉजी के रूप में सेवाएं दे रही हैं।
14. बेटी दीपिका खेतड़ी उपखंड के गांव शिमला के सरकारी स्कूल में व्याख्याता।

बेटे रामनिवास झाझड़िया का परिवार
15. मालीराम झाझड़िया के चौथे बेटे रामनिवास भारतीय सेना में हवलदार पद पर सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में एसबीआई सुल्ताना में गार्ड हैं।
16. रामनिवास की पत्नी भंवरी देवी झुंझुनूं जिले के रायपुर घरड़ाना के सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं।
17. बेटी डॉ. रुचिका एमएस ईएनटी हैं। पहले झुंझुनूं के गांव सुल्ताना में कार्यरत थीं। पीजी करने के बाद बीकानेर में है। जल्द ही नई जगह पोस्टिंग मिलने वाली है।

बेटे रोहिताश झाझड़िया का परिवार
खुद रोहिताश झाझड़िया निजी क्षेत्र में सिविल इंजीनियर हैं।
18. रोहिताश की पत्नी मधू अलवर के अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में सेवाएं दे रही हैं।

बेटी सूर्यकांता का परिवार
19. मालीराम झाझड़िया की बेटी सूर्यकांता पिलानी इलाके के सरकारी स्कूल में बतौर शिक्षिका कार्यरत हैं।
20. सूर्यकांता की बेटी दिव्या पिलानिया भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं।
21.बेटे तरूण कुमार भिलाई सेल में असिस्टेंट मैनेजर माइन्स

ऊंटगाड़ी चलाते थे मालीराम झाझड़िया
मालीराम झाझड़िया के बेटे विद्याधर झाझड़िया ने वन इंडिया हिंदी से बातचीत में बताया कि उनके पिताजी ऊंटगाड़ी चलाया करते थे। खेती व मजदूरी करके परिवार पाला। सबको पढ़ाया लिखाया। मालीराम के चीनी की डीलरशीप भी थी। उनकी पत्नी महादेवी गृहिणी हैं। वर्ष 2011 में मालीराम का निधन हो गया। 94 वर्षीय महादेवी कहती हैं कि मैं कभी स्कूल नहीं जा पाई, मगर बेटे-बेटियों को पढ़ने-लिखने से कभी नहीं रोका।












Click it and Unblock the Notifications