हवलदार नरेश कुमार सिंह : रिटायरमेंट से 2 माह पहले झुंझुनूं का बेटा शहीद, 10 दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे
झुंझुनूं, 23 सितम्बर। राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक और बहादुर बेटा वतन पर मर मिटा। दस दिन पहले ही घर पर छुट्टियां बिताकर ड्यूटी पर लौटे हलवदार नरेश कुमार सिंह अब तिरंगे में लिपटकर आएंगे।

बता दें कि 34 वर्षीय शहीद नरेश कुमार सिंह झुंझुनूं जिला मुख्यालय के नजदीक के बगड़ कस्बे के रहने वाले थे। वे इन दिनों श्रीनगर के चौकीबल में तैनात थे। गुरुवार को एक खास ऑपारेशन पर थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई और वे शहीद हो गए।
शहीद के परिजनों ने बताया कि दो महीने पहले ही उनकी जम्मू में ड्यूटी लगी थी। इससे पहले इनकी आगरा में ड्यूटी थी। दो माह बाद रिटायर होने वाले थे। साल 2007 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। इनके दो बच्चे हैं। झुंझुनूं जिला कलक्टर लक्ष्मण कुड़ी ने बताया कि शहीद नरेश सिंह की पार्थिव देह शनिवार सुबह साढ़े 10 बजे तक बगड़ पहुंचेगी। अंतिम संस्कार पैतृक गांव बगड़ में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
नरेश कुमार शादी हरियाणा के सोलड़ा गांव निवासी सुदेश के साथ 2012 में हुई थी। शहीद की बेटी मानवी कक्षा 5 में व नौ साल का बेटा नमन कक्षा तीन में अध्ययनरत है। शहीद के बच्चे अपनी मां सुदेश के साथ अभी आगरा में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
शहीद नरेश कुमार के पिता महेंद्रसिंह ने बताया कि वे उनके मझले बेटे थे। बड़ा बेटा सुरेश दून खेतीबाड़ी का काम करता है। वहीं छोटा बेटा मुकेश दून प्राइवेट नौकरी करता है। शहीद की मां सुनीता देवी व पिता महेंद्रसिंह बड़े बेटे के साथ गांव में रहते हैं। वे मूल रूप से हरियाणा के भिवानी के निकट सागवान गांव के रहने वाले थे। करीब दस वर्ष से बगड़ में जमीन खरीदकर यहां रह रहे थे।












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