Lok Sabha Election: हाड़ौती मे मंच पर भिड़ने के बाद फिर साथ आए गुंजल और शांति में हो गई सुलह या कोई समझौता...?
Lok Sabha Election: राजस्थान में हाड़ौती के कोटा-बूंदी लोकसभा सीट से भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए प्रहलाद गुंजल और शांति धारीवाल के बीत बिते दिनों हुई जुबानी जंग के बाद आज सुलह की तस्वीरे नजर आई।
कांग्रेस से प्रत्याशी प्रहलाद गुंजल ने आज अपना नामांकन दाखिल किया। इस नामांकन में राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा,प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने शिरकत की।

लेकिन इन सबके बीच चौंकाने वाली सियासी तस्वीर यह नजर आई की प्रहलाद गुंजल के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेता शांति धारीवाल भी साथ नजर आए।
बिते दिनों हुए जुबानी जंग के बाद तो यह माना जा रहा था कि प्रहलाद गुंजल एक बार गुस्सा हो सकते है और धारीवाल के खिलाफ कोई मोर्चा खोल सकते है। लेकिन चर्चा है कि बिते दिन ही दोनों के बीच कांग्रेस आलाकमान में दूरभाष पर ही सुलह करवा दी।
Rajasthan News: प्रहलाद गुंजल ने यूं किया पलटवार pic.twitter.com/dpF98RoWdK
— PURSHOTTAM KUMAR (@pkjoshinews) March 30, 2024
हालांकि बिते दिन ही शांति धारीवाल ने अपने बयानों से पलटी मारते हुए रोजा इफ्तार पार्टी में मीडिया से बातचीत में कह दिया था कि पार्टी के अंदर, परिवार की बात है। मतभेद और मनभेद जैसा कुछ भी नहीं है।
इधर आज नामांकन दाखिल करने के बाद प्रहलाद गुंजल अपने पुराने तेवर में नजर आए और मीडिया से बातचीत में कहा कि 'मेरी उम्मीदवारी से तूफान आ गया, इस बार अहंकार का अंत होगा'।
प्रहलाद गुंजल ने सीधा भाजपा पर और प्रत्याशी ओम बिरला पर निशाना साधते हुए कहा कि सारे समाजों पर कब्जा कर लिया,सारे व्यापार पर कब्जा कर लिया। राजनीति पर भी इस प्रकार कब्जा जिसकों भारतीय जनता पार्टी में पद प्रतिष्ठा चाहिए उनकों फोटो माथे पर लगाने पड़ेगा।
ओम बिरला का नाम लेकर तीखा हमला करते हुए कहा कि आपके भाई कहते है कि मोदी को सिटडाउन बोलकर बिठाने वाले है मैं आपको खुली चुनौती देता हूं कि आप इतने ताकतवर है तो खुद के चेहरे पर चुनाव लड़कर दिखाओं मैं भी रंधावा,डोटासरा से परमिशन ले लूंगा आ जाओं मेरे सामने और फिर जितकर दिखाओ।
आपकों बता दे कि भारतीय जनता पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए वसुंधरा राजे के करीबी रहे प्रह्लाद गुंजल ने शनिवार को कोटा लोकसभा सीट से अपना नामांकन कर दाखिल कर दिया। अब उनका मुकाबला भाजपा के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से होगा।
नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने जीत का भी दावा किया। गुंजल ने कहा कि, 'मेरी उम्मीदवारी से तूफान आया हुआ है, भाजपा के लोगों के पसीने आ गए है।
गुंजल ने कहा कि, 'लोगों में उत्साह है और यह उत्साह परिणाम में बदलेगा, उन्होंने कहा कि, दस साल तक कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र की जनता ने लफ्फाजी, झूठी बयानबाजी देखी है। एक परिवार के आंतक से आम शहरी डरा हुआ है।
जब में लोगों के पास जाता हूं तो मेरा चुपके से हाथ दबा पर विक्ट्री का साइन दिखाते हैं। जनता परेशान है, इस बार अहंकार का अंत होगा।
कोटा में एयरपोर्ट के मामले पर बिरला पर निशाना साधते हुए गजल ने कहा कि भाजपा ने एयरपोर्ट लाने का वादा किया था, लोगों ने एक नहीं दो-दो बार बिरला पर भरोसा करते हुए उन्हें संसद में भेजा लेकिन वो कुछ नहीं कर पाए। 2018-19 में प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर में 50 एयरपोर्ट की घोषणा की थी, लेकिन उनमें कोटा का नाम नहीं था।
शांति धारीवाल के मामले भी गुंजल ने कहा कि किसी को खुश होने जरुरत नहीं है, यह हमारा घर का मामला है हम मिल बैठ कर इसे निबटा लेंगे।












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