कौन हैं प्रताप सिंह खाचरियावास? जिनके यहां ED ने मारी रेड, 49000 करोड़ के घोटाले से जुड़ा है मामला
Pratap Singh Khachariyawas ED Raids: राजस्थान की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। जयपुर में सिविल लाइंस क्षेत्र स्थित कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापेमारी की कार्रवाई शुरू की। ईडी अधिकारी अभी भी उनके घर में मौजूद हैं और दस्तावेज़ों की जांच जारी है।
चिट फंड मामले से जुड़ी हो सकती है कार्रवाई: सूत्र
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह छापेमारी एक बड़े चिट फंड घोटाले से संबंधित बताई जा रही है, जिसकी अनुमानित राशि पचास हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में प्रताप सिंह खाचरियावास की भूमिका को लेकर पहले भी जांच एजेंसी ने सवाल उठाए थे और उन्हें समन भेजा गया था।

कांग्रेस समर्थकों की सक्रियता
जैसे ही ईडी की रेड की खबर फैली, कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में खाचरियावास के आवास की ओर रवाना हो गए। स्थिति पर पुलिस भी नजर बनाए हुए है।
खाचरियावास का बयान: "मैं सहयोग को तैयार हूं"
इस छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, "ईडी अपना काम कर रही है और मैं उनका पूरा सहयोग करूंगा। लेकिन भाजपा को ईडी जैसे संस्थानों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर नहीं करना चाहिए। मुझे किसी तरह का डर नहीं है, और मुझे इससे पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया था।"
राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं और कांग्रेस नेताओं ने इसे बदले की कार्रवाई बताया है। आने वाले समय में इस जांच का क्या रुख होगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
प्रताप सिंह खाचरियावास की जीवनी
प्रताप सिंह खाचरियावास राजस्थान के एक प्रमुख कांग्रेस नेता हैं, जिनका राजनीतिक सफर और सामाजिक योगदान उन्हें राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाता है। आइए उनके जीवन परिचय और राजनीतिक करियर पर विस्तार से नज़र डालते हैं:
पूरा नाम: प्रताप सिंह खाचरियावास
जन्म: 16 मई 1969, जोधपुर, राजस्थान
ग्राम: खाचरियावास, दांतारामगढ़ तहसील, सीकर जिला
जाति: राजपूत (कछवाहा वंश)
शिक्षा: बी.ए. और एम.ए. (राजनीति विज्ञान) - राजस्थान विश्वविद्यालय, 1992
एल.एल.बी. - राजस्थान विश्वविद्यालय
प्रताप सिंह खाचरियावास की पारिवारिक पृष्ठभूमि
- पिता: लक्ष्मण सिंह शेखावत
- माता: हिम्मत कंवर
- पत्नी: नीरज कंवर
- बच्चे: दो पुत्र
प्रताप सिंह खाचरियावास का राजनीतिक सफर
प्रारंभिक राजनीति: प्रताप सिंह ने 1992-93 में राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र संघ अध्यक्ष के रूप में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की।
राजस्थान विधानसभा चुनाव
- 1993, 1998 और 2003 में बनीपार्क सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली।
- 2008 में कांग्रेस पार्टी से जुड़कर सिविल लाइंस सीट से विधायक चुने गए, भाजपा के अशोक लाहोटी को हराकर।
- 2013 में भाजपा के अरुण चतुर्वेदी से हार गए।
- 2018 में पुनः सिविल लाइंस से विधायक बने और कैबिनेट मंत्री नियुक्त हुए।
- 2023 में भाजपा के गोपाल शर्मा से 28,329 वोटों से पराजित हुए।
राजस्थान मंत्रिमंडल में भूमिका
2018-2023 तक अशोक गहलोत सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे। पूर्व में परिवहन मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
प्रताप सिंह खाचरियावास अन्य जानकारी
राजनीतिक विचारधारा: प्रताप सिंह कांग्रेस पार्टी के मुखर नेता माने जाते हैं और अक्सर भाजपा की नीतियों की आलोचना करते हैं।
सामाजिक पहचान: उन्होंने दावा किया है कि वे भगवान राम के पुत्र कुश के वंशज हैं और कछवाहा वंश से संबंधित हैं।












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