टॉपर देने वाला मुस्लिम परिवार : बेटी व भाई के बाद डॉ. शमशाद ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में पाई फर्स्ट रैंक
Topper Muslim Family Churu बेहतरीन तालीम तरक्की के रास्ते खोल देती है। इस बात का ताजा उदाहरण राजस्थान का वो मुस्लिम परिवार है, जो टॉपर देता है। चाहे बोर्ड परीक्षा हो या सरकारी नौकरी का मौका। इस परिवार के सदस्य प्रथम स्थान पाते हैं। यहां बेटी व भाई के बाद डॉ. शमशाद अली ने असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के उर्दू विषय में बाजी मारी है।

40 की उम्र के बाद किताबों से दोस्ती
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की ओर से हाल ही जारी आरपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा परिणाम 2022 (उर्दू) में डॉ. शमशाद अली ने पूरे राजस्थान में प्रथम रैंक पाई है। वो भी 45 की उम्र में जबकि उम्र के इस पड़ाव तक आते-आते तो लोग किताबों से मुंह मोड़ लेते हैं। वो जो काम कर रहे होते हैं उसी में जिंदगी खपा देना चाहते हैं। वहीं, शमशाद अली ने किताबों से दोस्ती कर कामयाबी की नई लिख दी।

कॉलेज व्याख्याता परीक्षा (उर्दू) टॉपर डॉ. शमशाद अली का इंटरव्यू
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में डॉ. शमशाद अली ने कॉलेज व्याख्याता परीक्षा (उर्दू) की तैयारियों से लेकर इससे पहले हासिल की नौकरियां का जिक्र किया। साथ ही अपने भाई और बेटी की सक्सेस स्टोरी भी बयां की। डॉ. शमशाद अली मूलरूप से राजस्थान के चूरू शहर के वार्ड 55 में चेजारों का मोहल्ला के रहने वाले हैं।
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डॉ. शमशाद अली की सरकारी नौकरियां
डॉ. शमशाद अली ने बताया कि कॉलेज व्याख्याता परीक्षा में उर्दू के असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन हुआ है। यह इनकी चौथी सरकारी नौकरी है। इससे पहले साल 2001 में आठवीं तक के स्कूल में बतौर उर्दू शिक्षक लगे। घर के पास के सरकारी स्कूल में 15 साल तक पढ़ाया। इसके बाद 2015 में वरिष्ठ शिक्षक उर्दू के पद पर ज्वाइन किया। साल 2016 में स्कूल लेक्चरर पद पर लगे। भालेरी व चूरू के बागला स्कूल में पढ़ाया। अब कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में चयन हुआ है।

खुद के साथ-साथ भाई व बेटी भी टॉपर
बता दें कि 2016 में डॉ. शमशाद अली ने स्कूल व्याख्याता परीक्षा में ओबीसी वर्ग में टॉपर रहे हैं। इससे पहले साल 2014 में इनके भाई अहमद रजा ने द्वितीय श्रेणी उर्दू शिक्षक परीक्षा में टॉप किया था। वहीं, शमशाद अली की बेटी आफरीन अल्पसंख्यक वर्ग में चूरू जिले की टॉपर रहीं।

डॉ. शमशाद अली का परिवार
बता दें कि डॉ. शमशाद अली का जन्म चूरू के लाल मोहम्मद चेजारा व सुबह दौलत के घर हुआ है। लाल मोहम्मद टेलर का काम करते थे। मां का साल 2006 में इंतकाल हो गया। डॉ. शमशाद अली पांच भाइयों में तीसरे नंबर के हैं। शमशाद अली की शादी शमीम बानो के साथ हुई। ये हाउसवाइफ हैं। इनका बेटा मोहम्मद रिजवान स्नातक कर चुका है। बेटी आफरीन 12वीं कक्षा में है। दोनों बच्चों का लक्ष्य भी सिविल सर्विस है।

अधिकतम आयु सीमा की छूट मिली
टॉपर डॉ. शमशाद अली ने बताया कि कॉलेज व्याख्याता परीक्षा (उर्दू) में सामान्य की तीन, महिला व ओबीसी सामान्य की एक-एक सीट थी। आयु सीमा 21 से 40 थी, मगर 40 से अधिक थी। ऐसे में इन्हें ओबीसी वर्ग में अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिला।
दिल्ली, हैदराबाद से भी मंगवाई किताबें
डॉ. शमशाद अली ने बताया कि कॉलेज व्याख्याता परीक्षा (उर्दू) की तैयारियां के लिए चूरू में किताबें उपलब्ध नहीं थी। राजस्थान में उर्दू के गढ़ टोंक व जयपुर के अलावा दिल्ली, हैदराबाद व अलीगढ़ से किताबें मंगवाई। ड्यूटी के अलावा टाइम निकालकर नियमित रूप से पढ़ाई की।

युवा कायमखानी वेलफेयर सोसाइटी ने किया सम्मान
9 जनवरी 2023 को चूरू की उस्मानाबाद कॉलोनी में आयोजित सम्मान समारोह में आरपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर ( उर्दू ) भर्ती परीक्षा 2020 के टॉपर डॉ.शमशाद अली का सम्मान किया गया।
चूरू के रहने वाले डॉ. शमशाद ने यह उपलब्धि 45 वर्ष की उम्र में हासिल की है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. खानूखान बुधवाली अध्यक्ष राजस्थान वक़्फ़ बोर्ड राजस्थान सरकार, विशेष अतिथि रेहाना रियाज चिश्ती अध्यक्ष राजस्थान राज्य महिला आयोग और हाकम अली खान माननीय विधायक और राजस्थान राज्य वक़्फ़ विकास परिषद के अध्यक्ष, शौकत अली खान रिटायर्ड एडीशनल कमिश्नर इनकम टैक्स, निलोफर बानो चेयरमैन नगरपालिका सुजानगढ़, प्रियंका बानो चेयरमैन नगरपालिका तारानगर, रजिया बानो चेयरमैन नगर पालिका राजगढ़, एडिशनल एसपी सरवर खान, शहर काजी अहमद अली साहब आदि ने डॉ. शमशाद अली को साफ़ा और माला पहनाकर मोमेंटो देते हुए उनका अभिनंदन किया।












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