धाई कंवर का दिल हिंदुस्‍तान में,'धड़कन' PAK में, पुलवामा हमले के बाद बिछड़ा परिवार अब तक नहीं मिला

धाई कंवर भारत के बाड़मेर में रह रही जबकि इनके पति व बच्‍चे पाकिस्‍तान में रह रहे हैं। पुलवामा हमले के बाद थार एक्‍सप्रेस बंद होने से यह परिवार बिछड़ गया।

Dhai Kanwar Pakistan india

साल 2019 में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत वाले पुलवामा हमले ने हिंदुस्‍तान कभी नहीं भूल सकने वाला गम दिया था। गम पाकिस्‍तान की धाई कंवर को भी मिला।

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    धाई कंवर पर पुलवामा हमले के बाद पैदा हुए हालात से दोहरी मार पड़ी है। पहले तो पाकिस्‍तान की प्रताड़ना से तंग आकर हिंदुस्‍तान में श्‍रण ली और फिर परिवार ऐसा बिछड़ा कि सात साल बाद भी नहीं मिल पाया। हालात ऐसे हैं कि धाई कंवर का दिल भले ही हिंदुस्‍तान में हो, मगर पाकिस्‍तान में रह रहे पति व बच्‍चों के लिए धड़क रहा है।

    धाई कंवर कहती हैं कि वे मूलरूप से पाकिस्‍तान के अमरकोट की रहने वाली हैं। बाड़मेर की इंदिरा नगर में बतौर शरणार्थी रह रही हैं। साल 2016 में भारत-पाकिस्‍तान के बीच चलने वाली ट्रेन थार एक्‍सप्रेस से भारत में आकर शरण ली थी। तब पति सवाई सिंह, दो बेटे हाकम व रणवीर अन्‍य रिश्‍तेदार भी साथ बाड़मेर आए थे, मगर बेटे जयसिंह, गोकुल व बेटी सोनल कंवर पाकिस्‍तान में रह गए थे।

    पत्‍नी धाई कंवर और दो बेटों को बाड़मेर में शरण देकर तीन साल बाद 2019 में जयसिंह, गोकुल व सोनल को लाने के लिए सवाईसिंह थार एक्‍सप्रेस से पाकिस्‍तान पहुंचे थे। वहां जाने के बाद 14 फरवरी को पुलवामा हमला हो गया। 40 भारतीय जवान शहीद हो गए। फिर बालाकोट एयर स्‍ट्राइक हो गई। भारत-पाकिस्‍तान के रिश्‍ते इतने बिगड़ गए कि दोनों देशों के बीच थार एक्‍सप्रेस का संचालन ही बंद कर दिया गया।

    धाई कंवर कहती हैं कि कई सालों से पति व तीन बच्‍चे पाकिस्‍तान में हैं। वे यहां उनका इंतजार कर रही। वो कब आएंगे। कुछ पता नहीं। बेटा-बेटी की बहुत याद आती है। कभी कभार बस मोबाइल पर बात हो पाती है। सरकार से गुहार है कि थार एक्‍सप्रेस का संचालन फिर से किया जाए। वीजा नियमों में भी सरलीकरण हो। ताकि हमारा बिछड़ा परिवार वापस मिल सके।

    पाक विस्‍थापित संघ के जिला संयोजक नरपत सिंह धारा कहते हैं कि पाकिस्‍तान में हालात रहने के लायक नहीं थे। इसलिए धाई कंवर का परिवार बाड़मेर आ गया था। यहां उनके दोनों बेटे दिहाड़ी मजदूरी करके गुजर बसर कर रहे हैं। पति व दो बेटे और बेटी पाकिस्‍तान में फंसे हुए हैं।

    उधर, पाकिस्‍तान में इस वक्‍त गृह युद्ध जैसे हालात हैं। पूर्व पीएम इमरान खान के समर्थक पाकिस्‍तानी फौज के खिलाफ जगह जगह हिंसा कर रहे हैं। ऐसे में भारत में शरण लिए बैठी धाई कंवर की अपनों के लिए चिंता बढ़ गई है।

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