भीलवाड़ा मॉडल ने 4 राज्यों के 15 जिलों को कोरोना विस्फोट से बचाया, जानिए स्पेशल रणनीति

भीलवाड़ा। राजस्थान में कोरोना वायरस के सबसे पहले हॉटस्पॉट भीलवाड़ा ने वो कमाल कर दिखाया, जिसकी पूरा देश सराहना कर रहा है। भीलवाड़ा ने अपने काम की रणनीति से चार राज्यों के 15 जिलों में कोरोना विस्फोट होने से बचाया है। यही वजह है वर्तमान में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में भीलवाड़ा मॉडल लागू होने की चर्चा हो रही है।

मार्च में बढ़े, अप्रैल में लगाई रोक

मार्च में बढ़े, अप्रैल में लगाई रोक

भीलवाड़ा में मार्च 2020 में कोरोना पॉजिटिव के मामले तेजी से बढ़े, मगर अप्रैल आते-आते भीलवाड़ा टीम ने बढ़ते कोरोना पर ब्रेक लगा दिए और आंकड़ा 27 पर ही अटक गया। भीलवाड़ा जिला कलेक्टर राजेन्द्र भट्ट के अनुसार भीलवाड़ा शहर में 27 कोरोना संक्रमित रोगी मिले। इनमें 17 की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है। 11 कोरोना मुक्त होकर घर लौट गए।

 भीलवाड़ा में बांगड़ अस्पताल से फैला कोरोना

भीलवाड़ा में बांगड़ अस्पताल से फैला कोरोना

भीलवाड़ा जिला कलेक्टर राजेन्द्र भट्ट ने बताया कि जिस शहर के बृजेश बांगड़ अस्पताल से सबसे पहले कोरोना संक्रमित रोगी मिले। वे डॉक्टर व नर्सिंगकर्मी थे। इनके संपर्क में कई लोग आए थे। जांच में पता चला कि अस्पताल में चार राज्य व राजस्थान के 15 जिलों के मरीज भी आए थे। प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाता, तो कोरोना विस्फोट हो सकता था।

 5 राज्यों के 36 मरीज

5 राज्यों के 36 मरीज

हिमाचलप्रदेश के हमीरपुर, मध्यप्रदेश के इंदौर, नीमच, रतलाम, उत्तरप्रदेश के इटावा, गुजरात के अहमदाबाद व सूरत से 36 मरीज बांगड़ अस्पताल आए थे। भीलवाड़ा जिला प्रशासन ने इनको फोन कर जांच कराने की सलाह दी। वहां के कलक्टरों को फोन कर इन लोगों को आइसोलेट कराया।

 15 जिलों के कलक्टर से संपर्क

15 जिलों के कलक्टर से संपर्क

सबसे पहले बांगड़ अस्पताल में आए अन्य जिलों के मरीजों की पहचान की गई। इस अस्पताल में चित्तौडग़ढ़ के 230, अजमेर के 153, राजसमंद के 57, टोंक के 17, बूंदी के 11, नागौर के 7, जयपुर व उदयपुर के 5-5,अलवर के 2, कोटा व पाली के 3-3, प्रतापगढ़ के 2, भरतपुर, हनुमानगढ़ व सीकर का 1-1 मरीज उपचार के लिए आए थे। कुल 498 मरीजों के सबन्ध में एडीएम (प्रशासन) राकेश कुमार ने हर जिले के कलक्टर को इस बारे में सूचना दी। इन्हें घर में रहने का सुझाव दिया।

भीलवाड़ा ने ऐसे पाया महामारी पर काबू

भीलवाड़ा ने ऐसे पाया महामारी पर काबू

1. कोरोना संक्रमित पहला केस मिलते ही शहर में कर्यू।

2. शहर की सीमा सील, ताकि कोई न बाहर जाए और न अंदर आ सके।
3. भीलवाड़ा जिले की सीमा सील कर करीब 50 चेकपोस्ट बनाई।
4. दूसरे जिलों के कलक्टर को फोन कर वहां की सीमा सील कराई।
5. रेलवे व रोडवेज भीलवाड़ा में बंद कराई। निजी वाहन भी रोके।
6. जहां पॉजिटिव रोगी मिले, वहां नो मूवमेंट जोन घोषित।
7. 1200 टीमें बनाकर 25 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कराई।
8. बांगड़ अस्पताल के ओपीडी, आइपीडी व कोरोना संक्रमित वरिष्ठ फिजीशियन के संपर्क में आए मरीजों की सूची बना उनके घर पहरा लगाया।
9. कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए 6000 लोग क्वारेंटाइन।
10. कलक्ट्रेट के हर अनुभाग को एक-एक जिमा दिया।

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