Rajasthan News: हरियाली तीज पर आज भजनलाल सरकार करेंगी पौधारोपण, प्रदेश के मंत्रियों को दी जिम्मेदारी
Rajasthan News: राजस्थान में हरियाली तीज का पर्व पर आज सरकार 1 करोड़ पौधे एक साथ लगाने वाली है। मुख्यमंत्री से लेकर कैबिनेट मंत्री, विधायक और प्रभारी सचिव जिलेवार पौधारोपण कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
राजस्थान के लिए आज का दिन पौधारोपण की वजह बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज करौली दौरे पर रहेंगे। यहां पर वह 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का आगाज करेंगे साथ ही जयपुर में आज प्रमुख मंदिरों में पौधे वितरित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाभियान-हरियालो राजस्थान, जलदाय विभाग सहित सभी महकमें के परिसरों में अधिकारियों एवं ठकेदारों के सहयोग से हरियाली तीज पर सघन पौधारोपण किया जाएगा।

हरियाली तीज पर जलदाय विभाग अपने सभी कार्यालय, पंप हाउस, फिल्टर प्लांट को हरा-भरा करने के लिए व्यापक पौधारोपण करेगा। हरियालो राजस्थान-एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जहां पूरे प्रदेश में 1 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं, वहीं इस अभियान को सार्थक सिद्ध करने में जलदाय विभाग भी पीछे नहीं है।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने भी हरियाली तीज पर प्रदेशवासियों से वृक्षारोपण में योगदान करने का आह्वान किया है।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर ने आह्वान किया है कि 7 अगस्त को हरियाली तीज के अवसर पर प्रदेशवासी वृक्षारोपण कर मरू प्रदेश को हरित प्रदेश बनाने में अपना योगदान करें।
मंत्री दिलावर ने बताया कि हरियाली तीज को प्रदेश में मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाभियान के अंतर्गत अमृत पर्यावरण महोत्सव -एक पेड़ देश के नाम, हरियालो राजस्थान (एक पेड़ माँ के नाम) अभियान आयोजित किया गया है। जिसमें शिक्षा विभाग के कर्मचारी- अधिकारी शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मिलकर वृक्षारोपण करेंगे।
पौधे लगाने के बाद सभी को पौधों की फोटो जियोटैगिंग के साथ ऐप पर अपलोड करनी है। सभी पौधों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि वृक्ष प्रेमियों को ऐप के माध्यम से प्रशस्ति पत्र भी दिए जाएंगे।
मंत्री दिलावर ने बताया कि प्रदेश में अच्छी बरसात होने से प्रकृति मेहरबान प्रतीत हो रही है, ऐसे में वृक्षारोपण किया जाना अनुकूल भी है और जिम्मेदारी भी। उन्होंने बताया कि आवश्यकता के अनुरूप पौधों की व्यवस्था कर ली गई है। चिन्हित स्थानों पर गड्ढे खोदकर तैयार किये जा चुके हैं।
सभी जिलों के लिए जिला प्रभारी नियुक्त कर दिए गए है। जिन्होंने अपने अपने जिलों मे कार्य संभाल लिया है। सभी जिलों के कंट्रोल रूम भी सक्रिय हो गए है। प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम भी प्रदेश के सभी नियंत्रण कक्षो से समन्वय के कार्य कर रहा है।
मंत्री मदन दिलावर ने दावा किया है कि हरियालो राजस्थान अभियान के अंतर्गत आज हरियाली तीज पर पूरे प्रदेश मे 7 करोड़ से भी ज्यादा पौधे लगाने की संभावना है। इनमें 82 लाख सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी। 84 लाख निजी स्कूलों के विद्यार्थी। लगभग 4 लाख शिक्षा एवं पंचायती राज विभाग के कर्मचारी। औसत प्रत्येक को 5 पौधे लगाना है। इस हिसाब से 8.85 करोड़ संख्या आती है। 3 लाख से अधिक पौधे लगाने का संकल्प 17 ब्रांड एंबेसडर ने लिया है।
इस के अलावा प्रदेश की अनेक सामाजिक संस्थाएं,साधु संत,गोशाला,व्यापारिक संगठन, एनजीओ,मंदिर समिति,पेट्रोल पंप डीलर,गैस एजेंसी,सरकारी योजनाओं के लाभार्थी,ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन,उद्योग,खान मालिक सहित विभिन्न संस्थाओं ने बड़े स्तर पर कल पौधारोपण करेंगे। अनुमानित आंकड़ों के अनुसार राजस्थान प्रदेश कल पौधारोपण का विश्व कीर्तिमान स्थापित करेगा। जो आज तक कभी नही हुआ होगा।
जलदाय विभाग के शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाभियान- हरियालो राजस्थान कार्यक्रम के तहत राज्य में पौधारोपण का व्यापक कार्यक्रम चलाया जा रहा है। राजस्थान में हरियाली तीज का विशेष महत्व है। इस दिन बुधवार, 7 अगस्त को पीएचईडी के सभी कार्यालयों, पंप हाउस, फिल्टर प्लांट में पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। सभी अधिकारी और कर्मचारी की सहभागिता से पौधारोपण होगा।
शासन सचिव ने बताया कि मौजूदा ओएंडएम अनुबंधों के तहत ठेकेदारों को प्रमुख कार्यालयों, मुख्यालय, पंप हाउस, फिल्टर प्लांट्स और आवासीय परिसरों में पौधों का रोपण किये जाने का प्रावधान है। इस अनुबंध में में पौधों, लॉन आदि का उचित रखरखाव, जिसमें निराई, गुड़ाई, पानी देना और पेड़ों की छंटाई शामिल है।
डॉ शर्मा ने बताया कि विभाग की सभी नई और मौजूदा परियोजनाओं के तहत भी पौधारोपण का कार्य करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जल आपूर्ति परियोजनाओं के अनुबंध को संभालने वाले ठेकेदारों को भी इस अभियान में सम्मिलित किया गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए जाएं। उन्होंने पौधारोपण के साथ ही उनको बचाने, विकसित करने का भी सभी कार्मिकों से आह्वान किया।
शासन सचिव ने बताया कि मियावाकी पद्धति से जलदाय विभाग के जल भवन में पांच हजार तथा भूजल विभाग के परिसर में दस हजार पौधे विकसित किये जाने की योजना है।












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