Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: पोखरण में एक और परमाणु परीक्षण की तैयारी में थी वाजपेयी सरकार
Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary 2023: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी की आज 16 अगस्त को पांचवीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर जानिए राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण की इनसाइड स्टोरी।
Atal Bihari Vajpayee on Pokhran Nuclear Test: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 16 अगस्त 2023 को पांचवीं पुण्यतिथि है। देशभर में अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया जा रहा है। जगह-जगह आयोजित कार्यक्रमों में उनको श्रद्धांजलि दी जा रही है। इस मौके पर जानिए वाजपेयी सरकार की देखरेख में राजस्थान के पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षण की इनसाइट स्टोरी।

हर कोई जानता है कि राजग नीत अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने साल 1998 में राजस्थान के पोखरण मे 11 मई व 13 मई को दो परमाणु परीक्षण करके पूरी दुनिया को चौंका दिया था। इससे भी चौंका देने वाली बात तो यह है कि तत्कालीन वाजपेयी सरकार पोखरण में एक और परमाणु परीक्षण की तैयारी, मगर उस परीक्षण को एनवक्त पर टाल दिया गया था।
साल 1998 में जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को महज 13 माह में गिरा दिया गया था तब वाजपेयी ने लोकसभा में चर्चा करते हुए परमाणु परीक्षण को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब दिए। तब वाजपेयी ने कहा कि विपक्ष द्वारा परमाणु परीक्षण की आलोचना करते हुए सवाल पूछा गया था कि देश के सामने कौनसा खतरा था जो परमाणु परीक्षण करना पड़ा?
तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा कि 18 मई 1974 को इंदिरा गांधी सरकार के कार्यकाल में देश में पहले परमाणु परीक्षण हुआ तब हम विपक्ष में थे और गांधी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया था। हमने भी इंदिरा सरकार की तरह आत्मरक्षा के लिए साल 1998 में परमाणु-2 किया था। वो कोई पुरुषार्थ के प्रकटीकरण के लिए नहीं था।
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने अपनी उस लोकसभा स्पीच में यह भी दावा किया था कि सचमुच में हम पोखरण में एक और परीक्षण कर सकते थे। यानी वो 11 मई व 13 मई को किए गए परमाणु परीक्षण से अलग। इसकी तैयारी भी पूरी थी, मगर जब सरकार को लगा कि वैज्ञानिक तकादा पूरा हो गया है तो वो तीसरा परीक्षण टाल दिया गया।
भारत-पाकिस्तान सीमा पर राजस्थान के जैसलमेर जिले में थार रेगिस्तान में स्थित पोखरण में दो परमाणु परीक्षण के बाद तत्कालीन पीएम अटल बिहार वाजपेयी खुद पोखरण पहुंचकर इसका ऐलान किया था। साथ ही उन्होंने जय जवान, जय किसान और जय विज्ञान का नारा भी दिया था।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसम्बर 1924 को जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी के कवि, प्रखर वक्ता व पत्रकार से भारत के तीन बार प्रधानमंत्री बनने तक का सफर तय किया। वे 16 मई से एक जून 1996, फिर 1998 में और 1999 से 2004 तक पीएम रहे। 16 अगस्त 2018 को एम्स दिल्ली में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया।












Click it and Unblock the Notifications