Divya Saini Sikar : प्रतिदिन 41 हजार रुपए कमाती है सीकर की 23 वर्षीय बेटी दिव्या सैनी, जानिए कैसे?
सीकर, 26 जुलाई। ये है दिव्या सैनी। राजस्थान के सीकर की रहने वाली हैं। कमाल की बेटी है। छप्परफाड़ कमाई कर रही है। अंदाजा इस बात से लगा लिजिए कि दिव्या रोजाना 41 हजार रुपए कमा रही है। वो भी महज 23 साल की उम्र है।

दिव्या सैनी के पिता से बातचीत
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में दिव्या के पिता सांवरमल सैनी ने बेटी की प्रतिभा और उसके करियर से जुड़ी तमाम बातें शेयर की हैं। सांवरमल बेटी दिव्या पर गर्व करते नहीं थकते और कहते हैं कि म्हारी छोरी छोरों से भी आगे है।

15 जुलाई को मनाया 23वां जन्मदिन
सांवरमल बताते हैं कि बेटी दिव्या का अमेजोन कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर डेढ़ करोड़ रुपए के सालाना पैकेज पर चयन हुआ है। इस हिसाब दिव्या को हर माह साढ़े 12 लाख और प्रतिदिन बतौर तनख्वाह 41 हजार रुपए मिलेंगे। दिव्या अमेजोन के अमेरिका के सिएटल स्थित ऑफिस में काम करेगी। इसी 15 जुलाई को अपना 23वां जन्मदिन मनाने के लिए अगले ही दिन दिव्या अमेरिका चली गई।

दिव्या सैनी का जीवन परिचय
नाम - दिव्या सैनी
निवासी - राधाकिशनपुरा सीकर
जन्मदिन - 15 जुलाई 1998
पिता - सांवर मल सैनी, संस्था प्रधान तिकोड़ी बड़ी सरकारी स्कूल
माता - किरण देवी, संस्था प्रधान, सरकारी स्कूल, खूड़
भाई - नीलोत्पल सैनी
शिक्षा - बीटेक एनआईटी पटना
जॉब - सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमेजोन

सीधे तीसरी कक्षा में बैठने की जिद
सांवरमल बताते हैं कि दिव्या सैनी ने महज 12 वर्ष की उम्र में 12वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। हुआ यूं कि दिव्या ने स्कूल जाना शुरू किया तब उसका बड़ा भाई नीलोत्पल सैनी तीसरी कक्षा में पढ़ रहा था। इसलिए दिव्या भाई के साथ तीसरी कक्षा में बैठने की जिद करने लगी। उसे एलकेजी में बैठाना चाहा तो उसने स्कूल जाना ही बंद कर दिया। भाई उसे घर पर ही पढ़ाया जाना लगा। खास बात यह है कि वह भाई की तरह कक्षा तीसरी की किताबें पढ़ना चाहती थी।
12 की उम्र में कर ली 12वीं पास
फिर छह साल की उम्र में दिव्या को टेस्ट दिलाकर स्कूल में दाखिला दिलवाया गया। वो भी कक्षा छह में। ऐसे में महज 12 साल की उम्र में दिव्या ने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण कर ली। दिव्या को 10वीं में 77.3 प्रतिशत, 12वीं में 83.07 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। इसके बाद दोनों भाई-बहन ने पटना एमएनआईटी से बीटेक किया।

17 साल की उम्र में ही मिल गई थी नौकरी
बता दें कि बीटेक करने के बाद महज 17 साल की उम्र में दिव्या को अमेजोन कंपनी में 29 लाख के सालाना पैकेज में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर-1 पद पर हैदराबाद में जॉब मिल गई थी। वहीं, भाई की नौकरी भी हैदाराबाद में लगी। दोनों भाई बहन इन दिनों कोरोना महामारी की वजह से सीकर में रहकर वर्क फ्रॉम कर रहे थे। यहीं, से दिव्या का अमेरिका के लिए डेढ़ करोड़ के पैकेज में उसी कंपनी में चयन हो गया।

भाई ने जीता था कांस्य पदक
सांवरमल ने बताया कि दिल्ली में ग्लोबल फाइबर चैलेंज की ओर से आयोजित कोर्थन एंड साइबर चैलेंज में नीलोत्पल सैनी ने तृतीय स्थान प्राप्त करते हुए कांस्य पदक जीता था। नीलोत्पल सैनी हैदराबाद में डीईशा कंपनी में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।












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