छत्तीसगढ़: आरक्षण विधेयक पर 10 सवालों के जवाब के इंतज़ार में राज्यपाल उईके, जल्द जवाब भेजेगी सरकार
सीएम भूपेश बघेल ने कहा, राज्यपाल पहले आरक्षण विधेयक पर दस्तखत करने के लिए तैयार थीं,उनके कहने पर विशेष सत्र बुलाया था ,लेकिन पता नहीं बाद में भाजपा कार्यालय से किसका फोन या पर्ची पर्ची आई।
छत्तीसगढ़ में आरक्षण को लेकर पेंच अब भी फंसा हुआ है। राज्यपाल अनुसूईया उइके ने साफ़-साफ़ कह दिया है कि जब तक राज्य सरकार उनेक 10 सवालों का जवाब नहींदे देती है,वह आरक्षण संशोधन विधेयकों पर दस्तखत करने की दिशा में कोई विचार नहीं करेंगी। सीएम भूपेश बघेल का कहना है कि विधानसभा में पास विधेयक पर सवाल पूछना, राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं,किन्तु वह जिद पर अड़ी हैं,तब जवाब भी भेज दिया जायेगा। सीएम भूपेश ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के हित में उस कानून का लागू होना जरूरी है।

गुरुवार को रायपुर में मीडिया से बातचीत सीएम बघेल ने कहा, राज्यपाल ने दिल्ली में किससे मुलाकात की,इसकी मुझे जानकारी नहीं हैंलेकिन उनको विधेयकों पर जल्दी हस्ताक्षर करके देना चाहिए, क्याेंकि इससे छात्रों के भविष्य जुड़ा हुआ है। काफी सारी भर्तियां होनी हैं, जिसमे आरक्षण लागू होना है। जब विधानसभा में नया आरक्षण बिल लाकर सर्वसम्मति से पारित कर दिया है, तो उसे तुरंत हस्ताक्षर कर देना चाहिए।
बघेल ने कहा कि इतने दिनों में मैं समझता हूं , सब साफ़ हो चुका होगा। यह राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र से बाहर है, लेकिन वह उसी पर अड़ी हुई हैं तो उसका जवाब भेज दिया जायेगा। सीएम बघेल ने कहा कि राज्यपाल नियम से बाहर जाकर काम करना चाहती है, तो हमें कोई तकलीफ नहीं है। छत्तीसगढ़ के हित में बच्चों के भविष्य को देखते हुए हम किसी तरह का अड़ंगा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, राज्यपाल पहले तैयार थीं,उनके कहने पर विशेष सत्र बुलाया था ,लेकिन पता नहीं बाद में भाजपा कार्यालय से किसका फोन या पर्ची पर्ची आई। दरअसल राज्यपाल अनुसूईया उइके ने दिल्ली से लौटने के बाद आरक्षण संशोधन विधेयकों के संबंध में कहा है कि मैंने विधिक सलाहकार की सलाह पर छत्तीसगढ़ सरकार को 10 प्रश्न भेजे हैं,जिनका जवाब आने के बाद हस्ताक्षर पर पर विचार करूंगी।
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