MSP कमेटी की पहली मीटिंग इस दिन होगी, पंजाब के CM मान ने की यह मांग
चंडीगढ़। किसानों को एम.एस.पी. की गारंटी देने से संबंधित कमेटी की पहली मीटिंग इसी महीने होगी। केंद्रीय कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 16 सदस्यीय कमेटी 22 अगस्त को बैठक करेगी। इस कमेटी का गठन एम.एम.पी. पर कानून बनाने की मांग उठने के बाद हुआ था, जिसमें केंद्रीय कृषि विभाग की ओर से कई गणमान्य लोगों को सदस्य बनाया गया। पंजाब के सीएम मान ने इसी MSP कमेटी में पंजाब को प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। उनका कहना है कि, कमेटी में पंजाब को प्राथमिकता में रखा जाए।

बहरहाल, एम.एस.पी. कमेटी बन चुकी है और जल्द ही इसकी पहली मीटिंग होने जा रही है। हालांकि, संयुक्त किसान मोर्चा को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है कि उसके सदस्य इस मीटिंग में शामिल होंगे या नहीं। बताया जा रहा है कि, एम.एस.पी. कमेटी में पंजाब का नुमाइंदा शामिल नहीं किया गया है, जबकि आंदोलन पंजाब से ही शुरू हुआ था। और, दिल्ली की सीमाओं पर जुटने वाले ज्यादातर किसान पंजाबी ही थे। पंजाब के किसान अपनी फसलों का मूल्य बढ़वाना चाहते हैं। वे कृषि कानूनों के भी विरोधी थे। बाद में सरकार ने उन कानूनों को वापस ले लिया।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि, सरकार ने जो एम.एस.पी. कमेटी का गठन कराया है, उसमें ज्यादातर ऐसे लोग हैं, जिन्होंने नए कृषि कानूनों की हिमायत ली थी। वहीं, यह कमेटी बनने के बाद पंजाब के सीएम भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर को चिट्ठी भेजी थी। जिसमें सीएम मान ने कहा कि, MSP कमेटी में पंजाब का उचित ध्यान रखा जाए। उन्होंने मांग की कि, कमेटी में पंजाब को प्रतिनिधित्व मिले। आप के नेताओं को केंद्र सरकार की इस बात पर आपत्ति है कि, उक्त कमेटी में पंजाब का नुमाइंदा शामिल नहीं किया गया है।
एम.एस.पी. कमेटी बनने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने भी सवाल खड़े किए हैं। किसान नेताओं का कहना है कि, एम.एस.पी. कमेटी में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार को प्रतिनिधित्व नहीं दिया, जबकि कर्नाटक, ओडिशा, सिक्किम और आंध्र प्रदेश के अधिकारियों को शामिल किया गया है। हालांकि, अब कमेटी बैठक करने जा रही है, जो कि 22 अगस्त को होगी।











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