पंजाब: मजीठिया की वजह से SAD को लग सकता है चुनावी झटका, जानिए क्या है पूरा मामला
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुई हैं। वहीं बिक्रम सिंह मजीठिया की वजह शिरोमणि अकाली दल की सियासी ज़मीन खिसकती हुई नज़र आ रही है।
चंडीगढ़, 11 जनवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी सियासी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुटी हुई हैं। वहीं बिक्रम सिंह मजीठिया की वजह शिरोमणि अकाली दल की सियासी ज़मीन खिसकती हुई नज़र आ रही है। बिक्रम सिंह मजीठिया को ड्रग्स केस मामले मे सशर्त अंतरिम ज़मानत मिली है। वहीं चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी दल लगातार ड्रग्स मामले में शिरोमणि अकाली दल पर हमलावर है। पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा चुनावी मुद्दा प्रमुख चुनावी मुद्दे में से एक है। यही वजह है कि बिक्रम सिंह मजीठिया के ड्रग्म केस में फंसने के बाद विपक्षी दलों ने शिअद के खिलाफ़ इसे चुनावी हथियार बना लिया है। चुनाव से ठीक पहले शिरोमणि अकाली दल को बिक्रम सिंह मजीठिया पर केस दर्ज होने से बड़ा झटका लगा है। शिरोमणि अकाली दल का काफ़ी जनाधार खिसक चुका है।

6 शर्तों के साथ मिली अंतरिम ज़मानत
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम मजीठिया को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने छह शर्तों के साथ अंतरिम ज़मानत दी है। हाईकोर्ट के शर्तों के मुताबिक बिक्रम सिंह मजीठिया मामले की सुनवाई तक विदेश नहीं जा सकते हैं, मोबाइल हमेशा ऑन रहने चाहिए। जांच एजेंसी जब भी ज़रूरत होगी उनके साथ व्हाट्सएप्प लाइव लोकेशन देनी होगी, जांच एजेंसी के सामने हाज़िर होना होगा। वह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मामले से जुड़े गवाह से संपर्क साधने की कोशिश नहीं करेंगे। इसके 438 (2) सीआरपीसी के तहत दर्ज सभी शर्तों को मानना होगा। वहीं सूत्रों की मानें तो भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव तक इस केस को टालते हुए केस हियरिंग की तारीख तुरंत-तुरंत कर प्रेशर पॉलिटिक्स कर सकती है। ताकि शिरोमणि अकाली दल भाजपा के साथ समझौता कर ले या फिर ड्रग्स के बहाने अकाली दल के ख़िलाफ़ भाजपा सियासी माइलेज लेती रहे।

12 जनवरी को होंगे जांच टीम के सामने पेश
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ड्रग्स केस दर्ज होने के बाद से करीब 22 दिन से अंडरग्राउंड चल रहे थे। अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह नज़र में आए हैं। बुधवार को (12 जनवरी) बिक्रम सिंह मजीठिया को ऐआईजी बलराज सिंह की अगुवाई में बनाई गई जांच टीम के सामने पेश होना है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के पास पेश होने के लिए हाईकोर्ट ने सुबह 11 बजे का वक्त मुकर्रर किया है। वहीं शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पूरी साजिश के तहत केस केस दर्ज किया गया। इसलिए खास तौर पर डीजीपी की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि बिक्रम मजीठिया को जमानत मिल गई, सच की जीत हुई है।

मुझे फंसाने की साजिश रची गई- मजीठिया
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि ज़मानत मिली है, बिक्रम मजीठिया का केस ख़त्म नहीं हुआ है। बिक्रम सिंह मजीठिया ने अग्रिम ज़मानत मिलने के बाद पंजाब की चन्नीख सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा पंजाब के इतिहास में पहली बार हुआ है कि 3 महीने में 4 डीजीपी बदले गए हैं। मुक्षे फंसाने और अपना पद को बचाने के लिए सीएम चन्नी ने अन्य मंत्रियों के साथ मिलकर साजिश रची है। आपको बता दें कि मजीठिया की गरफ्तारी पर रोक बुधवार तक के लिए रोक लगाते हुए जांच में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। 27 दिसंबर को मजीठिया ने अग्रिम जमानत के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दी थी।
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