पंजाब: SAD ने AAP और कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप, मोगा हिंसा के पीछे AAP और कांग्रेस का हाथ
मोगा घटना के बाद SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने फिलहाल पंजाब में अपने कार्यक्रमों में छह दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। मोगा रैली के दौरान बिगड़े हालातों को देखते हुए कार्यक्रम स्थगित करने का फ़ैसला लिया गया।
चंडीगढ़, सितंबर 3, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सौ दिन सौ हलका कार्यक्रम के तहत विभिन्न विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर हैं। हालांकि मोगा घटना के बाद SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने फिलहाल पंजाब में अपने कार्यक्रमों में छह दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। मोगा रैली के दौरान बिगड़े हालातों को देखते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं ने कार्यक्रम स्थगित करने का फ़ैसला लिया है।

AAP और कांग्रेस पर हिंसा का आरोप
वन इंडिया हिंदी से बात करते हुए सुखबीर सिंह बादल के प्रधान मीडिया सलाहकार ने कहा
मोगा हिंसा के पीछे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं का हाथ है
शिरोमणि अकाली दल ने इसके सारे सबूत साझा कर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कैप्टन केंद्र सरकार के साथ मिलकर पंजाब की शांति को भंग करना चाहते हैं और किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। मोगा में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हत्या की कोशिश के आरोप सहित कई गंभीर धाराओं में मुक़दमा दर्ज किया है। जिसके विरोध में शुक्रवार को कई किसान संगठनों ने राज्य भर में बैठकें कर आंदोलन की रणनीति बनाई।
किसान नेताओं ने की घोषणा
किसान नेताओं ने घोषणा की है कि है जब तक मुकदमें वापस नहीं लिए जाएंगे तब तक पंजाब में शिअद नेताओं का विरोध जारी रहेगा। जिसके बाद शिअद नेताओं ने सुखबीर के गल पंजाब की मुहिम पर एक सप्ताह के लिए ब्रेक लगाने का फैसला किया है। वहीं मोगा घटना को लेकर चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल ने 100 दिवसीय 'गल पंजाब दी' कार्यक्रम की शुरूआत की है। इस दौरान पंजाब में आम आदमी कई मूलभूत सुविधाओं से महरूम देखा। सरकार भी आम आदमी की समस्याओं को दूर करने के बजाय सियासत कर रही है।
कांग्रेस से अपील
सुखबीर सिंह बादल ने कांग्रेस से अपील करते हुए कहा कि हम सबका निशाना केंद्र सरकार और उसके बनाए कृषि कानून हैं। पंजाब और किसानों की भलाई के लिए सभी सियासी दलों को एकजुट होकर लड़ाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल ने मोगा हिंसा को भड़काने वाले कांग्रेस और आप कार्यकर्ताओं की सूची भी सार्वजनिक की लेकिन कांग्रेस किसान आंदोलन को बदनाम करने की नीयत से काम करने में जुटी हुई है। कैप्टन अमरिंदर सिंह चाहते हैं कि पंजाब की शांति व्यवस्था बिगड़ जाए। केंद्र सरकार की मंशा के मुताबिक पंजाब में राष्ट्रपति शासन लागू हो और किसान आंदोलन ख़त्म हो जाए।
पुलिस और किसानों के बीच झड़प
आपको बता दें कि मोगा की अनाज मंडी में SAD अध्यक्ष की रैली के दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी झड़प हो गई थी। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाज़ी हुई जिससे दर्जन भर गाडियां भी टूट गईं और आधा दर्जन किसान और पुलिस मुलाजिमों को चोटें आई । वहीं पुलिस ने कुछ किसानों को हिरासत में भी लिया। यह किसान शिरोमणी अकाली दल बादल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल का घेराव करने के लिए पहुंचे थे और रैली में जाना चाहते थे। मगर उन्हें रास्ते में रोक लिया गया। जिसके बाद पुलिस और किसानों में झड़प हो गई।
बैरीकेड तोड़ने की कोशिश
किसान गुरुवार सुबह से ही फिरोजपुर रोड पर इकट्ठा होने लगे थे। पुलिस ने अनाज मंडी के सामने ही किसानों को बेरीगेट लगाकर रोक लिया । किसानों ने बैरीकेड तोड़ने की कोशिश भी की मगर पुलिस ने उन्हें रोक लिया। जैसे ही सुखबीर सिंह बादल स्टेज से संबोधन करने लगे तो किसानों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क पर खड़ी बहुजन समाज पार्टी और शिरोमणी अकाली दल की गाडियों पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। वहीं पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया तो किसानों ने पुलिस पर भी पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस पर पुलिस को हल्के लाठी बल का इस्तेमाल करना पड़ा था।
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