Punjab के गुरदासपुर में ग्रेनेड फेंकने की घटना में 3 दबोचे गए आरोपी कौन है? विदेशी हैंडलर का लिंक उजागर
Punjab Gurdaspur Grenade-Hurling Case: पंजाब के गुरदासपुर में ग्रेनेड फेंकने की घटना में रविवार (17 मई) को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई गुरदासपुर पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस विंग की संयुक्त टीम ने 27 अप्रैल 2026 को हुई ग्रेनेड फेंकने की घटना को लेकर की है।
पुलिस ने एक आरोपी के घर से दूसरा हैंड ग्रेनेड भी बरामद किया है। यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चेतावनी है क्योंकि आरोपी विदेश में बैठे एक हैंडलर के इशारे पर काम कर रहे थे।

पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने इस सफल ऑपरेशन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि विस्तृत जांच, CCTV फुटेज, ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर तीनों आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। अब आगे की जांच विदेशी हैंडलर और उनके स्थानीय नेटवर्क को उजागर करने पर केंद्रित है।
Who Was Accused: गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
- अमरजीत सिंह उर्फ बिल्ला: जालंधर का निवासी
- करणजीत सिंह उर्फ करण : अमृतसर का निवासी
- सतनाम सिंह: तीसरा आरोपी
इनमें से अमरजीत सिंह के घर से एक और हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि दोनों ग्रेनेड उन्हें विदेश में बैठे हैंडलर ने मुहैया कराए थे।
घटना क्या थी?
27 अप्रैल 2026 की शाम गुरदासपुर शहर के गीता भवन रोड पर एक दुकान के बाहर दो अज्ञात व्यक्तियों ने एक हैंड ग्रेनेड फेंका। ग्रेनेड फटा नहीं क्योंकि उसकी पिन लगी हुई थी। घटना से आसपास अफरा-तफरी मच गई, लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं आई।
इस घटना के तुरंत बाद गुरदासपुर पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। अब इसमें UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
पुलिस की जांच और ऑपरेशन
गुरदासपुर के Senior Superintendent of Police (SSP) आदित्य ने बताया कि घटना के बाद कई स्पेशल टीमें गठित की गईं।
जांच के प्रमुख आधार:
- घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज
- ह्यूमन इंटेलिजेंस (स्थानीय सूत्र)
- तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल्स
- गहन तलाशी अभियान
तीनों आरोपियों को इन सबूतों के आधार पर पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगी हो सकती है।
विदेशी हैंडलर का एंगल
सबसे चिंताजनक बात यह है कि आरोपी किसी विदेशी हैंडलर के निर्देश पर काम कर रहे थे। पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां विदेशी ताकतें (खासकर पाकिस्तान स्थित हैंडलर) स्थानीय युवाओं को हथियार और विस्फोटक उपलब्ध कराकर अशांति फैलाने की कोशिश करते हैं।
यह घटना खालिस्तानी या अन्य आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। पुलिस अब विदेशी हैंडलर की पहचान, पैसे के लेन-देन और स्थानीय सपोर्ट सिस्टम का पता लगाने में जुटी है।
पंजाब में सुरक्षा स्थिति
पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में शांति स्थापित हुई है, लेकिन कभी-कभार ऐसी घटनाएं होती रहती हैं।
- नशीले पदार्थों का तस्करी नेटवर्क
- विदेशी फंडिंग
- सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काना
ये सभी चुनौतियां बनी हुई हैं। गुरदासपुर जिला पाकिस्तान सीमा के करीब होने के कारण संवेदनशील माना जाता है।
DGP गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस सतर्क है और किसी भी प्रकार की अशांति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
UAPA लगने का मतलब
UAPA की धाराएं लगने से मामला अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ गया है। इस कानून के तहत:
- जमानत मिलना बहुत मुश्किल होता है
- जांच एजेंसियों को व्यापक शक्तियां मिलती हैं
- सजा भी कड़ी हो सकती है
यह दर्शाता है कि पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है।
गुरदासपुर ग्रेनेड कांड में तीन लोगों की गिरफ्तारी पंजाब पुलिस की तेज और प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण है। लेकिन यह घटना हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा चुनौतियां अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।













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