मालेरकोटला को सांस्कृतिक विरासत के तौर पर विकसित करेगी भगवंत मान सरकार
पंजाब देश के उन राज्यों में शामिल है, जहां की सांस्कृतिक विरासत काफी समृद्ध है। प्रदेश के तमाम पर्यटन स्थलों और सांस्कृतिक केंद्रों को मुख्य रूप से भगवंत मान सरकार विकसित कर रही है। इसी कड़ी में अब मालेरकोटला को भी प्रदेश सरकार ने पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने का फैसला लिया है। पंजाब सरकार मालेरकोटला को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के केंद्र के तौर पर विकसित करने जा रही है। इसके साथ ही यहां पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इसे प्रमुख पर्यटन केंद्र के तौर पर भी विकसित किया जाएगा।
प्रदेश सरकार की पर्यटन मंत्री अनमोल गगन मान ने मालेरकोटला में चल रहे चार दिवसीय सूफी फेस्ट के समापन के दौरान इसका ऐलान किया। मान ने कहा कि प्रदेश सरकार भारत की सांस्कृतिक विरासत को फिर से जीवित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम चाहते हैं कि लोग मालेरकोटला की पूर्ववर्ती रियासत के हर पहलू को पहचानें, जिसे गुरू गोबिंद सिंह ने हमेशा के लिए शांति का आशीर्वाद दिया था।

उन्होंने कहा महोत्सव के अलग-अलग सत्रों में स्थानीय घरानों, कव्वालों, सूफी गायकों और पारंपरिक कलाकारों की विरासत की झलकी को प्रस्तुत किया गया था। युवाओं को पंजाब सरकार के इस अभियान के लिए आगे आना चाहिए ताकि पंजाब को एक बार फिर से रंगला पंजाब बनाया जा सके।
बता दें मालेरकोटला में चार दिवसयी सूफी फेस्टिवल 14 से 17 दिसंबर के बीच आयोजित किया गया। इसका आयोजन पंजाब सरकार के पर्यटन और सांस्कृतिक विभाग की ओर से किया गया था। गौर करने वाली बात है कि मालेरकोटला की अमीर विरासत को आगे बढ़ाने का यह फेस्टिवल अहम माध्यम है।
यहां स्थानीय घरानों की गायन शैली, मुशायरा, कव्वाली आदि पेश की गई। साथ ही सूफी साहित्य की किताबों से लेकर स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। यहां लोगो को मुफ्त में प्रवेश की अनुमति थी। समारोह का आयोजन सफलतापूर्वक प्रशासन की मदद से किया गया।












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