पंजाब सरकार की पहल पर पराली जलाने की घटना में 77% की कमी दर्ज की गई
Bhagwant Mann: भगवंत मान सरकार ने दावा किया कि राज्य में पराली जलाने की घटना में काफी कमी आई है। पंजाब सरकार ने इसके लिए NASA के सैटेलाइट रिपोर्ट के डेटा का हवाला दिया है। नासा के सैटेलाइट के अनुसार, पंजाब में पराली जलाने में 77% की कमी दर्ज की गई है। 6 अक्टूबर 2023 तक केवल 196 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि पिछले साल इसी समय में 845 मामले सामने आए थे। वहीं, 6 अक्तूबर को सिर्फ तीन नए मामले दर्ज किए गए हैं।
पंजाब सरकार ने कहा कि राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आने का असर दिल्ली पर भी पड़ेगा। राज्य में पराली जलाने की समस्या में कमी आने से राजधानी दिल्ली में प्रदूषण कम होगा। प्रदूषण के खिलाफ मान सरका के जागरुकता अभियान का बड़ा असर देखने को मिला है। प्रशासन के प्रयासों से किसान फसलों का सही तरीके से पराली को Decompose कर रहे हैं।

पराली जलाने पर जुर्माना लगाया
पंजाब सरकार ने पराली को लेकर कई तरह के सख्त नियम बनाए हैं। करीब 65 किसानों पर ₹1.85 लाख का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन ने 6 एफआईआर की। अब तक कुल 1.70 लाख की वसूली भी हो चुकी है। 50 रेड एंट्री राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज की गई है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) का कहना है कि पराली जलाने में आई गिरावट राज्य सरकार, कृषि विभाग और किसानों में बढ़ती जागरुकता अभियान के लगातार प्रयासों का परिणाम है। पराली से निपटने के लिए राज्य में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) का मानना है कि यह पराली जलाने में आई गिरावट राज्य सरकार, कृषि विभाग और किसानों में बढ़ती जागरुकता अभियान के सतत प्रयासों का परिणाम है। पराली से निपटने के लिए 8,000 मशीन कार्य में लगाए गए हैं। करीब 12.70 मिलियन टन पराली खेतों के बाहर प्रबंधित करने की योजना है।
80% तक सब्सिडी पर लोन दिया
मान सरकार की पहल पर पंजाब के सहकारी बैंकों ने फसली अवशेष प्रबंधन के लिए 80 फीसदी तक की सब्सिडी पर ऋण देने की योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को फसली अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए मशीनरी खरीदने में सहायता करना है। सहकारी बैंकों की कुल 802 शाखाओं में यह योजना लागू की गई है।












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