Mission Rozgar Punjab: बिना रिश्वत-सिफारिश के 63943 युवाओं को सरकारी नौकरी, कैसे बदला भर्ती सिस्टम?
Mission Rozgar Punjab: साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर यानी मोहाली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Singh Mann) ने एक बार फिर दावा किया कि पंजाब में सरकारी नौकरियों का सिस्टम पूरी तरह बदल चुका है।
'मिशन रोज़गार' के तहत विभिन्न विभागों में चयनित 916 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नियुक्तियों के साथ अब तक 63,943 युवाओं को बिना किसी रिश्वत और सिफ़ारिश के सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

मिशन रोज़गार क्या है और इसका मकसद
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अनुसार मिशन रोज़गार का उद्देश्य सिर्फ नौकरियाँ देना नहीं, बल्कि युवाओं का टूटा हुआ भरोसा लौटाना है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के समय नौकरी का मतलब रिश्वत और पहचान होता था, जबकि अब योग्यता ही सबसे बड़ा पैमाना है। सरकार चाहती है कि हर काबिल युवा बिना डर और खर्च के सरकारी नौकरी हासिल कर सके।
पिछली सरकारों पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले नौकरियां रिश्वतखोरी और पक्षपात के ज़रिये दी जाती थीं। सत्ता में बैठे लोगों के रिश्तेदारों और चहेतों को फायदा मिलता था, जबकि मेहनती युवाओं के सपने टूट जाते थे। उन्होंने इसे शहीद भगत सिंह के सपनों के साथ धोखा बताया और कहा कि आज़ादी के दशकों बाद भी युवाओं को उनका हक नहीं मिल पा रहा था।
63,943 नौकरियां और एक भी केस नहीं
भगवंत सिंह मान ने बताया कि पिछले चार वर्षों में दी गई करीब 64 हजार सरकारी नौकरियों में से एक भी नियुक्ति को अदालत में चुनौती नहीं दी गई। उनके मुताबिक यह इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट आधारित रही है। उन्होंने कहा कि यह पंजाब के इतिहास में पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में नौकरियाँ बिना विवाद के दी गई हैं।
'झाड़ू' के बटन से बदली व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से लोगों ने 'झाड़ू' का बटन दबाया है, तब से हर नागरिक को उसका बनता हक मिलने लगा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौर में लोग उम्मीद तक नहीं कर पाते थे कि उन्हें इंसाफ मिलेगा, लेकिन अब सिस्टम आम आदमी के पक्ष में काम कर रहा है।
स्वास्थ्य योजना और अन्य जनकल्याणकारी फैसले
नौकरी वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की अन्य योजनाओं का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब हर पंजाबी परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है। पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है। इससे लगभग 65 लाख परिवारों को राहत मिली है।
टोल प्लाज़ा, मुफ्त बिजली और आम आदमी क्लिनिक
भगवंत मान ने कहा कि सरकार ने राज्य में 19 टोल प्लाज़ा बंद कर दिए हैं, जिससे लोगों की रोज़ाना लाखों रुपये की बचत हो रही है। इसके साथ ही 881 आम आदमी क्लिनिक में मुफ्त इलाज और दवाइयाँ मिल रही हैं। जुलाई 2022 से राज्य के 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली दी जा रही है, इसके बावजूद विपक्ष सरकार की उपलब्धियों को नज़रअंदाज़ कर रहा है।
बेरोज़गारी को जड़ से खत्म करने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेरोज़गारी कई सामाजिक बुराइयों की जड़ है और उनकी सरकार इसे खत्म करने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। सभी खाली पदों को एक तय समयसीमा के भीतर पारदर्शी सिस्टम से भरा जा रहा है ताकि युवाओं को भटकना न पड़े।
नव-नियुक्त युवाओं के लिए खास संदेश
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं को पंजाब सरकार के परिवार का हिस्सा बताते हुए कहा कि अब उनकी जिम्मेदारी है कि वे पूरी ईमानदारी और पेशेवर सोच के साथ जनता की सेवा करें। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी कलम और पद का इस्तेमाल सिर्फ लोगों के भले के लिए करें।
युवाओं की जुबानी भर्ती का अनुभव
कार्यक्रम में चयनित युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया की खुलकर सराहना की। रूपनगर की डॉ. पूजा ने कहा कि बिना किसी सिफ़ारिश के नौकरी मिलना उनके लिए गर्व की बात है। मुक्तसर साहिब की जसनप्रीत कौर और अमृतसर की डॉ. दमनप्रीत कौर ने इसे निष्पक्ष सिस्टम का नतीजा बताया। मोगा के डॉ. कमलप्रीत सिंह और स्टाफ नर्स तमन्ना ने कहा कि यह नौकरी उनके परिवार के लिए सपने के पूरे होने जैसी है।
पंजाब को प्रगतिशील राज्य बनाने की बात
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार, बिजली, पानी और कानून-व्यवस्था को सबसे ऊपर रखकर काम कर रही है। उन्होंने दोहराया कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से मुक्त सिस्टम ही पंजाब को आगे ले जा सकता है और मिशन रोज़गार उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।












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