पंजाब को फंड देने में देरी पर वित्त मंत्री चीमा का बड़ा आरोप, बोले- केंद्र ने किया सौतेला व्यवहार
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने फंड वितरण में पंजाब के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया है। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, पूंजी सहायता और ग्रामीण विकास निधि (RDF) के तहत फंड का आवंटन लंबित है और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट में इसका जिक्र नहीं किया।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा ने अपने नौ साल के शासनकाल में पंजाब की अनदेखी की है। पंजाब एक कृषि राज्य है और यहां और अन्य राज्यों के किसान वैकल्पिक फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग करते रहे हैं। भाजपा ने अंतरिम बजट में किसानों और युवाओं को निराश किया है।

मंत्री चीमा ने आगे कहा, "बीजेपी ने आंकड़ों में हेराफेरी की है। आगामी लोकसभा चुनाव में पंजाब के लोग पार्टी को सबक सिखाएंगे।"
वहीं पंजाब के बजट को लेकर चीमा ने कहा कि इसे जल्द ही पेश किया जाएगा और यह राज्य के लिए आप सरकार के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करेगा। हमारी टीमें इस पर काम कर रही हैं।
मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट ने देश के नौजवानों को भी निराश किया है। भाजपा हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा कर सत्ता में आई थी, लेकिन रोजगार के नाम पर नौजवानों को जुमले और अग्निवीर योजना दिया। दरअसल भाजपा की सरकार जुमले वाली सरकार है। भाजपा झूठ बोलने वाली और लोगों को गुमराह करने वाली पार्टी है।
पंजाब के मंत्री कि पंजाब कृषि प्रधान राज्य है। किसान लगातार केंद्र सरकार से सभी फसलों पर एमएसपी की गारंटी मांग रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि देश भर के किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर करीब एक साल तक आंदोलन भी किया। लेकिन बजट में किसानों के लिए कोई खास प्रावधान नहीं किए गए हैं। मंत्री चीमा ने कहा कि भाजपा ने पंजाब के साथ हमेशा भेदभाव किया और पंजाबियों को आर्थिक लाभ से वंचित करने की कोशिश की।












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