पंजाब में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका, सरकार की तरफ़ से नहीं उठाए जा रहे ठोस क़दम
पंजाब में अभी तक ओमिक्रोन के तीन केस आ मिल चुके हैं। वहीं कोरोना के आंकड़े दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब सरकार चुनावी रैलियों में व्यस्त है।
चंडीगढ़, 31 दिसंबर 2021। पंजाब में अभी तक ओमिक्रोन के तीन केस आ मिल चुके हैं। वहीं कोरोना के आंकड़े दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर पंजाब सरकार चुनावी रैलियों में व्यस्त है। यही वजह है कि पंजाब में कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका तेज हो गई है। आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं, पिछले चार दिनों की बात की जाए तो पंजाब में 27 दिसंबर को सिर्फ 46 पॉजिटिव केस आए थे, 28 दिसम्बर को 51 केस, 29 दिसंबर को 100 केस, 30 दिसंबर को 170 केस हो गए। ग़ौरतलब है कि जहां कम टेस्ट हुए वहां कम केस जहां ज़्यादा टेस्ट हुए वहां ज़्यादा केसेज़ देखने को मिल रहे हैं।

कोरोना की तीसरी लहर की आशंका
सरकार ने आंकडे कम दिखाने के लिए टेस्ट भी कम कर दिए हैं। पहले एक दिन में करीब 40 हज़ार टेस्ट का लक्ष्य था लेकिन 30 हज़ार तक टेस्ट होते थे। वहीं अब पूरे पंजाब में रोज़ाना 10 हज़ार के करीब जांच करवाए जा रहे हैं। पंजाब में पहले 1 फीसद से कम कोरोना के पॉजिटिव केस थे लेकिन अब 1 फ़ीसद से ज़्यादा हो गए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो यह तीसरी लहर की आहट है। पंजाब में अभी तक ओमिक्रॉन के तीन केस सामने आ चुके हैं। वहीं पंजाब में 10 जिले अमृतसर, फरीदकोट, बरनाला, होशियारपुर, मोहाली, लुधियाना, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब, तरनतारन और गुरदासपुर में गरुवार को कोविड सैंपलों की जांच ही नहीं हुई।

हर रोज़ बढ़ रहे कोरोना के आंकड़े
पंजाब सरकार चुनावी रैसियों में व्यस्त है, कोविड केसेज़ पर रिव्यब मीटिंग्स ना के बराबर हो रही है। वही कैप्टन अमरिंदर सिंह के वक्त में कोविड केस को लेकर रिव्यू मीटिंग होती थी। हेल्थ एक्सपर्ट के जरिए कोविड के रोकथाम पर सलाह-मशवारा किया जाता था। चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस मामले पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका पूरा ध्यानम चुनावी सौगातों और रैलियों पर है। कोरोना के आंकड़े बढ़ने से पंजाब सरकार पर ही सवालों के घेरे में आएगी इसलिए सरकार ने ओमिक्रोन का सरकारी इलाज करते हुए आंकड़ों में ही कोरोना के मरीज घटा दिए हैं। जाब में कोरोना के मरीज़ों में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है। इस वक्त एक्टिव केसों में 33 मरीज ऑक्सीजन या ICU जैसे लाइफ सेविंग सपोर्ट पर हैं। आंकड़ों की बात की जाए तो पंजाब ही ऐसा राज्या है जहां पूरे हिंदुस्तान के मुक़ाबले सबसे कम वैक्सन लगाई गई है।

पहले के मुकाबले कम हो रही जांच
पंजाब में ओमिक्रॉन के दस्तक से पहले क़रीब 16 हज़ार टेस्ट रोज़ाना करवाए जा रहे थे लेकिन कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट के आने से टेस्ट को बढ़ा करीब 40 हजार का टारगेट कर दिया गया लेकिन 30 हजार के करीब टेस्ट हुए। वहीं अब अचानक से टेस्ट को घटाकर 10 हज़ार के करीब कर दिया गया है। सरकार ने ऐसा इसलिए कर दिया है कि यह दिखाया जा सके की पंजाब में कोरोना का ख़तरा नहीं है। क्योंकि अगर जांच ज्यादे होगी तो कोरोना मरीज़ के आंकड़े बढ़ेंगे और जब चुनावी रैली होगी तो कही न कहीं इस मामले में सरकार ही घिर जाएगी। चन्नी सरकार के कार्यकाल का आख़री वक़्त चल रहा है। ऐसे में आचार संहिता लगने से पहले सीएम चन्नी से लेकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष रोज रैलियां कर रहे हैं।
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