पंजाब:आधी रात में क्यों बदले गए CM चन्नी के क़रीबी DGP सहोता, क्या सिद्धू कर रहे हैं प्रेशर पॉलटिक्स
पंजाब कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफ़ा दे दिया और अपनी सियासी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस बना ली। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफ़ा देने के बाद ऐसा लग रहा था कि कांग्रसे पार्टी की पंजाब..
चंडीगढ़, 17 दिसंबर 2021। पंजाब कांग्रेस में मचे सियासी घमासान के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफ़ा दे दिया और अपनी सियासी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस बना ली। कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफ़ा देने के बाद ऐसा लग रहा था कि कांग्रसे पार्टी की पंजाब इकाई में सब कुछ ठीक हो गया है, लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू आए दिन अपनी ही पार्टी पार्टी पर सवालिया निशान लगाते हुए पार्टी की मुश्किलें बढ़ाते हुए नज़र आ जाते हैं। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ काम करते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के क़रीब तीन महीने पूरे होने वाले हैं। इसके बावजूद दोनों के बीच तालमेल नहीं बैठ पा रहा है।

आधी रात में हटाए गए DGP सहोता
पंजाब में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के क़रीबी डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को जिस तरह आधी रात में बदल दिया गया। इससे सियासी गलियारों में यही चर्चाएं हैं कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे हैं। इकबाल प्रीत सहोता की जगह पर अब सिद्धार्थ चटोपाध्याय को पंजाब का नया डीजीपी नियुक्त किया गया है। आपको बता दें कि इकबाल सिंह सहोता को डीजीपी नियुक्त करने की वजह से नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा तक दे दिया था। सिद्धू शुरू से ही सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की पैरवी करते रहे हैं। सिद्धू का पंजाब कांग्रेस पर दबाव का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उनके कहने पह एपीएस देयोल की जगह पर डीएस पटवालिया को एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया था।

सिद्धू कर रहे हैं प्रेशर पॉलटिक्स !
सियासी गलियारों में यह भी चर्चा ज़ोरों पर है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की डीजीपी पद पर नियुक्ति इसलिए करवाई है ताकि ड्रग्स और बेअदबी के मामले में बड़ी कार्रवाई करवा सकें। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू शुरू से ही चाह रहे थे कि सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय को डीजीपी बनाया जाए। यह चर्चा ज़ोरों पर है कि यह बदलाव पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के दबाव में हुआ है, क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह के सीएम पद से हटने के बाद से ही सिद्धू ने सहोता को कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने पर आपत्ति दर्ज की थी। दिनकर गुप्तार के छुट्टी पर जाने के बाद चन्नी सरकार ने इकबाल प्रीत सिंह सहोता को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया था जिस पर सिद्धू ने ऐतराज़ जताया था। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू शुरू से ही सहोता को हटाने के लिए पार्टी पर दबाव बना रहे।
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ड्रग्स मामले में 40 पन्नों की चिट्ठी
यह भी ख़बर आ रही है कि ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन के प्रमुख एसके अस्थाना ने ड्रग्स मामले में 40 पन्नों की चिट्ठी डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता को लिखी थी, जिसका कुछ हिस्सा लीक हो गया था। लीक हुए हिस्से में लिखा था कि अगर हाई कोर्ट और इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है तो वो (आस्थाना) कार्रवाई कैसे कर सकते हैं। इस सामले में 14 दिसंबर को ही सीएम ने संज्ञान में लेते हुए केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। सीएम के आदेश के बाद भी 16 तारीख तक इकबाल प्रीत सिंह सहोता ने कोई कार्रवाई नहीं की और न ही कोई केस दर्ज किया। यह भी सहोता को हटाए जाने की एक वजह मानी जा रही है।
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