पंजाब चुनाव: कांग्रेस ने अंबिका सोनी को बनाया चुनाव समन्वय समिति का अध्यक्ष, जाखड़ को ये जिम्मेदारी
नई दिल्ली, 6 दिसंबर: पंजाब विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। जिस वजह से सभी पार्टियां जोर-शोर से तैयारियों में जुटी हुई हैं। पिछले कुछ वक्त से कांग्रेस में अंदरुनी कलह चरम पर है, ऐसे में हाईकमान अन्य पार्टियों से पहले अपने वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंप रहा है। सोमवार को पार्टी ने पंजाब चुनाव के लिए कई समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति की। जिसमें काफी वक्त से नाराज चल रहे सुनील जाखड़ का भी नाम है।

पार्टी की ओर से जारी अधिकारिक बयान के मुताबिक अंबिका सोनी को चुनाव समन्वय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि सुनील जाखड़ चुनाव प्रचार अभियान समिति को लीड करेंगे। वहीं चुनाव में सबसे ज्यादा अहम पार्टी का घोषणा पत्र होगा है, जिस वजह से प्रताप सिंह बाजवा को घोषणा पत्र समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने अजय माकन की अध्यक्षता में पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया। चंदन यादव और कृष्ण अल्लारु भी इस समिति के सदस्य होंगे।
थम नहीं रहा आपसी घमासान
कैप्टर अमरिंदर सिंह ने बतौर सीएम चार साल का कार्यकाल पूरा कर लिया था, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू लगातार उनका विरोध करते रहे। हालांकि बाद में उनकी जीत हुई और कैप्टन से सीएम पद के साथ पार्टी भी छोड़ दी। इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी की ताजपोशी हुई, लेकिन अहम पदों पर नियुक्तियों को लेकर सिद्धू का उनसे भी विवाद हो गया। जिस वजह से अभी भी इस्तीफों का सिलसिला जारी है। सोमवार को पार्टी प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने भी इस्तीफा दे दिया। उन्होंने साफ कहा कि सिद्धू के साथ काम करना बहुत ही मुश्किल है, इस वजह से वो ये कदम उठा रहे हैं।
सरकार पर हमलावर हैं जाखड़
वहीं सुनील जाखड़ भी नए सीएम और सिद्धू पर हमलावर रहते हैं। 3 तारीख को उन्होंने सीएम चन्नी की दिल्ली हिंसा के आरोपी लक्खा सिधाना के साथ हुई मीटिंग पर सवाल उठाए थे। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि गैंगस्टर से राजनीति में आने वाले लोगों को पॉलिटिकल पार्टियों में लिया जा रहा है, पर पंजाब के लोग इसके लिए तैयार नहीं हैं। आम आदमी पार्टी 2017 में इसे भोग चुकी है, लेकिन मुख्यमंत्री के बयान से लगता है कि कुछ लोगों ने अभी तक सबक नहीं सीखा है।












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