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CM चन्नी ने बिजली दरों के बोझ को कम करने के लिए किया तलवंडी साबो थर्मल प्लांट बिजली समझौता रद्द

विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पंजाब सरकार ने सस्ती बिजली दरें कम करने का फ़ैसला लिया है। सरकार के इस फ़ैसले से पंजाब की जनता को राहत तो मिली है, वहीं सरकार के सामने सस्ती बिजली मुहैया करवाना बड़ी चुनौती साबित हो रहा है

चंडीगढ़, 3 नवम्बर, 2021। विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पंजाब सरकार ने सस्ती बिजली दरें कम करने का फ़ैसला लिया है। सरकार के इस फ़ैसले से पंजाब की जनता को राहत तो मिली है, वहीं सरकार के सामने सस्ती बिजली मुहैया करवाना बड़ी चुनौती साबित हो रही है। इसी बाबत पंजाब सरकार ने तलवंडी साबो के निजी थर्मल पॉवर प्लांट के साथ किए गए बिजली समझौते को रद्द करने का बड़ा फ़ैसला लिया है। वहीं पॉवरकॉम ने बिजली ख़रीद समझौते को रद्द करने के फैसले पर हामी भर दी है। अब पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ज़िम्मेदारी है कि वह राज्य में बिजली सप्लाई सुनिश्चित करें।

महंगी बिजली दरों से जनता को निजात

महंगी बिजली दरों से जनता को निजात

पंजाब के सीएम चन्नी के मुताबिक निजी थर्मल पॉवर प्लांट के साथ बिजली समझौता रद्द करने से पंजाब की जनता को महंगी बिजली दरों से निजात मिल सकेगी। अगर आंकड़ों की बात की जाए तो वित्तीय वर्ष 2018-2019, 2019-2020 और 2020-2021 के दौरान प्रति यूनिट बिजली की क़ीमत औसतन 5 रुपये 10 पैसे, 5 रुपये 55 पैसे और 5 रुपये 30 पैसे रही है। वहीं तलवंडी साबो पावर लिमिटेड और मार्केट के बिजली दरों में सिर्फ़ दो रुपये किलोवाट का फ़र्क है। 9 हज़ार मिलियन यूनिट तलवंडी साबो पावर लिमिटेड का निर्धारित यूनिट हैं। यूनिट की खपत के हिसाब से देखा जाए तो सालाना पीएसपीसीएल की तरफ से 18 हज़ार करोड़ रुपये तलवंडी साबो थर्मल प्लांट को दिए जा रहे हैं। वहीं समझौते के तहत पावरकॉम को 36 हज़ार करोड़ रुपये और थर्मल प्लांट को देने हैं।

महंगी बिजली खरीदनी पड़ी

महंगी बिजली खरीदनी पड़ी

पावरकॉम के अधिकारियों की मानें तो तलवंडी साबो थर्मल प्लांट बिजली का निर्धारित उत्पादन नहीं कर पा रहा था जिसकी वजह पावरकॉम को अलग से बिजली आपूर्ती के लिए महंगी बिजली खरीदनी पड़ी। पीएसपीसीएल की तरफ से वित्तीय साल 2014-15 से लेकर वित्तीय साल 2020-21 तक 24 हज़ार 176 मिलियन यूनिट बिजली मुहैया कराने के लिए थर्मल प्लांट को तय दरों के मुताबिक 2 हज़ार 920 करोड़ रुपए अदा किए गए। तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की बिजली मुहैया कराने के लिए वित्तीय साल 2018-2019 में 389 करोड़, वित्तीय साल 2019-2020 में 756 करोड़ और वित्तीय साल 2020-2021 के दौरान 446 करोड़ रुपये कीमत रही। ग़ौरतलब है कि गोइन्दवाल साहिब के बिजली खरीद समझौते को रद्द करने के लिए पावरकॉम के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है और समझौता रद्द करने का नोटिस भी जारी किया जा चुका है।

क़र्ज़ के बोझ तले सरकार

क़र्ज़ के बोझ तले सरकार

पावरकॉम के अधिकारियों की मानें तो तलवंडी साबो थर्मल प्लांट बिजली का निर्धारित उत्पादन नहीं कर पा रहा था जिसकी वजह पावरकॉम को अलग से बिजली आपूर्ती के लिए महंगी बिजली खरीदनी पड़ी। पीएसपीसीएल की तरफ से वित्तीय साल 2014-15 से लेकर वित्तीय साल 2020-21 तक 24 हज़ार 176 मिलियन यूनिट बिजली मुहैया कराने के लिए थर्मल प्लांट को तय दरों के मुताबिक 2 हज़ार 920 करोड़ रुपए अदा किए गए। तलवंडी साबो थर्मल प्लांट की बिजली मुहैया कराने के लिए वित्तीय साल 2018-2019 में 389 करोड़, वित्तीय साल 2019-2020 में 756 करोड़ और वित्तीय साल 2020-2021 के दौरान 446 करोड़ रुपये कीमत रही। ग़ौरतलब है कि गोइन्दवाल साहिब के बिजली खरीद समझौते को रद्द करने के लिए पावरकॉम के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है और समझौता रद्द करने का नोटिस भी जारी किया जा चुका है।


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