Chandigarh Pharmacy Murder: चंडीगढ़ में फार्मेसी कैशियर की हत्या की वजह क्या? जम्मू-कश्मीर से दो अरेस्ट
Chandigarh Pharmacy Murder: चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में फार्मेसी के कैशियर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के सनसनीखेज मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में जम्मू-कश्मीर से दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को जल्द ही चंडीगढ़ लाया जाएगा, जहां उनसे पूछताछ की जाएगी और अदालत से पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
पिछले सप्ताह हुई इस वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। व्यस्त इलाके में खुलेआम गोलीबारी कर हत्या किए जाने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठे थे।

सीसीटीवी में कैद हुई थी पूरी वारदात
जानकारी के अनुसार, शनिवार को सेक्टर-11 स्थित एक फार्मेसी में काम करने वाले 45 वर्षीय कैशियर जानकी दास की दो नकाबपोश बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना दिन के समय हुई, जब दुकान पर सामान्य गतिविधियां चल रही थीं।
हमलावरों ने फार्मेसी में घुसकर जानकी दास को निशाना बनाया और गोली मारने के बाद मौके से फरार हो गए। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया।
वीडियो फुटेज में हमलावरों की गतिविधियां और उनके भागने के तरीके की महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने कई राज्यों में छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया था।
बाइक से फरार हुए थे आरोपी
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया था कि गोलीबारी के बाद दोनों हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से भाग निकले थे। जांच अधिकारियों के अनुसार, वारदात में शामिल एक तीसरा व्यक्ति भी था, जो बाहर खड़ा होकर दोनों आरोपियों का इंतजार कर रहा था।
घटना के बाद पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों और आसपास के राज्यों में आरोपियों की तलाश शुरू की। तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस की टीम आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक आरोपियों की पहचान और हत्या के पीछे की सटीक वजह का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पूछताछ के बाद ही हत्या के मकसद का पता चल सकेगा।
हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हत्याकांड के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि जिस स्थान पर यह वारदात हुई, वहां से कुछ ही दूरी पर पुलिस का चेकपॉइंट मौजूद था। इसके बावजूद हमलावर आसानी से फरार होने में सफल रहे।
एक चश्मदीद ने मीडिया को बताया था कि गोलीबारी के बाद आरोपी बिना किसी रोक-टोक के वहां से निकल गए। शहर में कई अन्य पुलिस नाके और चेकपॉइंट भी मौजूद हैं, लेकिन अपराधियों को पकड़ने में तत्काल सफलता नहीं मिल सकी। इसी कारण पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे थे।
लापरवाही पर पांच पुलिसकर्मी निलंबित
हत्या के कुछ दिनों बाद चंडीगढ़ पुलिस ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की। इसी क्रम में विभिन्न पुलिस चेकपॉइंट्स का अचानक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान पांच पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी का उचित निर्वहन करते नहीं पाए गए, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबित किए गए कर्मचारियों में सेक्टर-11 थाना क्षेत्र के सब-इंस्पेक्टर बच्चितर सिंह, सुखना लेक पुलिस पोस्ट पर तैनात सीनियर कॉन्स्टेबल रॉबिन और कॉन्स्टेबल सुमन, सेक्टर-3 की कॉन्स्टेबल दीक्षा तथा आईटी पार्क थाने की सीनियर कॉन्स्टेबल जसपाल कौर शामिल हैं।
एसएसपी ने जारी किया निलंबन आदेश
चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुमेर प्रताप सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाए गए पुलिस नाकों की आकस्मिक जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन करते नहीं पाए गए।
आदेश में स्पष्ट किया गया कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण इन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है। पुलिस विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी, तीसरे आरोपी की तलाश
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की पूरी साजिश का खुलासा करना है। साथ ही उस तीसरे व्यक्ति की तलाश भी जारी है, जिसकी भूमिका वारदात के दौरान बाहर खड़े होकर मदद करने की बताई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या किसी व्यक्तिगत रंजिश, आर्थिक विवाद या अन्य किसी आपराधिक कारण से की गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जा सकता है।
इस बीच, चंडीगढ़ में हुई इस सनसनीखेज हत्या ने शहर की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। पुलिस पर आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाने का दबाव बढ़ गया है।













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