पंजाब में ओमिक्रोन को लेकर हो रही बड़ी लापरवाही, स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल ने भी बढ़ाई चिंता
कोरोना का ख़ौफ़ अभी कम भी नहीं हुआ था कि देश में ओमिक्रोन ने दस्तक दे दी है। ओमिक्रोन की वजह से कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू तक लगा दिया गया है।
चंडीगढ़, 28 दिसंबर 2021। कोरोना का ख़ौफ़ अभी कम भी नहीं हुआ था कि देश में ओमिक्रोन ने दस्तक दे दी है। ओमिक्रोन की वजह से कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू तक लगा दिया गया है। विधानसभा चुनाव को टालने की बात तक कही जा रही है, वहीं इसी पंजाब में बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है। कोविड टेस्ट बढ़ाने के बजाए जांच सरकार ने जांच करवाना ही कम कर दिया है। कुछ दिन पहले तक करीब 30 हजार टेस्ट किए जा रहे थे लेकिन अब 10 हजार से भी जांच करवाए जा रहे हैं। इस वजह से पंजाब में ओमिक्रोन का ख़तरा गहराता जा रहा है। सरकार कागजी तौर पर पाबंदिया ज़रूर लगा रही है। हक़ीक़ती में नज़ारा ठीक उलटा है। वहीं नेशनल हेल्थ मिशन से जुड़े कर्मचारी भी हड़ताल पर हैं जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।

पंजाब में ओमिक्रॉन ने दी दस्तक
पंजाब में ओमिक्रॉन के दस्तक से पहले क़रीब 16 हज़ार टेस्ट रोज़ाना करवाए जा रहे थे लेकिन कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट के आने से टेस्ट को बढ़ा करीब 40 हजार का टारगेट कर दिया गया लेकिन 30 हजार के करीब टेस्ट हुए। वहीं अब अचानक से टेस्ट को घटाकर 10 हज़ार के करीब कर दिया गया है। सरकार ने ऐसा इसलिए कर दिया है कि यह दिखाया जा सके की पंजाब में कोरोना का ख़तरा नहीं है। क्योंकि अगर जांच ज्यादे होगी तो कोरोना मरीज़ के आंकड़े बढ़ेंगे और जब चुनावी रैली होगी तो कही न कहीं इस मामले में सरकार ही घिर जाएगी। चन्नी सरकार के कार्यकाल का आख़री वक़्त चल रहा है। ऐसे में आचार संहिता लगने से पहले सीएम चन्नी से लेकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष रोज रैलियां कर रहे हैं।

हर रोज़ बढ़ रहे कोरोना के आंकड़े
कोरोना के आंकड़े बढ़ने से पंजाब सरकार पर ही सवालों के घेरे में आएगी इसलिए सरकार ने ओमिक्रोन का सरकारी इलाज करते हुए आंकड़ों में ही कोरोना के मरीज घटा दिए हैं। पंजाब में पिछले एक हफ्ते के कोरोना आंकड़े की बात की जाए तो 7 दिन में 76 मरीज़ बढ़े, ग़ौरतलब है कि पंजाब में कोरोना के मरीज़ों में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है। 23 दिसंबर को एक्टिव केस 314 थे जो कि 28 दिसंबर तक बढ़कर 390 हो चुके हैं। आपको बता दें कि इस वक्त एक्टिव केसों में 33 मरीज ऑक्सीजन या ICU जैसे लाइफ सेविंग सपोर्ट पर हैं। वहीं कोविड वैक्सीन सरकार ने सख्ती तो दिखाई लेकिन इसे लागू 15 जनवरी के बाद किया जाएगा । मुमकिन है कि उस वक़्त तक आचार संहिता लग जाएगी।

स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल जारी
पंजाब में आचार संहिता लगने के बाद कमान चुनाव आयोग के हाथों में चली जाएगी। आचार संहिता लगने तक भीड़ जुटाकर रैलियां निपटा ली जाएगी। सरकार ने ऐसा कर के एक तीर से दो निशान लगाने की कोशिश की है। इस तरह से सरकार ने सख्ती भी दिखाई और अपने लिए राहत का रास्ता भी खोज लिया। वहीं अगर सरकार के नए आदेश की बात की जाए तो डबल डोज न लगाने वालों को भीड़भाड़ वाली जगहों में नहीं आने देने को कहा गया है। वहीं चुनाव को लेकर रैलियों के गाइडलाइन की कोई ज़िक्र नहीं है। पंजाब में नेशनल हेल्थ मिशन नर्सिंग स्टाफ और लैब टेक्नीशियन के हड़ताल पर जाने के बाद से हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। अस्पताल में न तो चेकअप हो पा रहा और न ही सही ढंग से इलाज मिल पा रहा है।
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